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Uttarakhand Weather Alert: पहाड़ों पर मंडराया मानसून का बड़ा खतरा, IMD की चेतावनी के बाद हाई अलर्ट पर सरकार

उत्तराखंड में 31 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार और प्रशासन अलर्ट पर है. राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
Uttarakhand Weather Alert: पहाड़ों पर मंडराया मानसून का बड़ा खतरा, IMD की चेतावनी के बाद हाई अलर्ट पर सरकार
Courtesy: Pinterest

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर चुनौती बनकर सामने आ सकता है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और अचानक बाढ़ का खतरा जताया है. चेतावनी मिलते ही सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को सक्रिय कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरे की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है. जिला प्रशासन को लगातार मौसम पर नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

राहत और बचाव दल पूरी तरह तैयार

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश जारी किए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. साथ ही बंद होने वाले मार्गों को जल्द से जल्द खोलने और प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है.

सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

राज्य सरकार ने SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन सहित सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा है. उद्देश्य यह है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत कार्य बिना देरी के शुरू किया जा सके और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके.

स्कूलों और यात्रियों के लिए विशेष सावधानी

विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों के संचालन पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी दी गई है. पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों से भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर शुरू करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.

आम लोगों से सतर्क रहने की अपील

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने लोगों से प्रशासन और मौसम विभाग की सभी सलाह का पालन करने की अपील की है. नागरिकों को नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है. किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 या आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करने को कहा गया है.