भगवान शिव की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा 2026 का शुभारंभ होते ही हरिद्वार पूरी तरह भक्तिमय माहौल में रंग गया है. देश के अलग अलग राज्यों से शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए हरकी पैड़ी और अन्य घाटों पर पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया है. यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए कई विशेष इंतजाम भी किए गए हैं.
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने नगर क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी है. सामान्य वाहनों की आवाजाही पर निर्धारित समय से रोक लगाई गई है. दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, पंजाब, देहरादून और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए अलग रूट और पार्किंग स्थल तय किए गए हैं. लगभग 70 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है.
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली रोडवेज बसों को मोतीचूर पार्किंग भेजा जाएगा. वहीं दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, हरियाणा और पंजाब से आने वाली बसों के लिए ऋषिकुल मैदान निर्धारित किया गया है. बिजनौर, नजीबाबाद, मुरादाबाद और नैनीताल की ओर से आने वाले वाहनों के लिए नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग तय की गई है.
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है. यहां से सुरक्षा, यातायात, सफाई, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी. पूरे जनपद में करीब छह हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो.
हरकी पैड़ी से नारसन बॉर्डर तक 30 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं. करीब 450 चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी सेवाएं देंगे. आपात स्थिति के लिए 108 एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं. नगर निगम ने एक हजार सफाईकर्मियों की तैनाती के साथ पेयजल टैंकर और मोबाइल शौचालय की भी व्यवस्था की है.
यात्रा के पहले दिन हरकी पैड़ी समेत प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. बम बम भोले के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. रंग बिरंगी कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्तों का उत्साह आकर्षण का केंद्र बना रहा. जगह जगह लगाए गए सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए जलपान और विश्राम की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.