हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के बीच हरिद्वार में एक अलग घटनाक्रम ने लोगों का ध्यान खींचा. स्वयं को एक्स मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक अपने चार साथियों के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे. यहां हवन-यज्ञ के दौरान धर्मशाला समिति की आपत्ति के बाद विवाद की स्थिति बन गई, जिसके चलते पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा. विवाद के बाद सलीम वास्तिक और उनके साथ आए लोग दूसरी धर्मशाला छोड़कर एक अन्य आश्रम में चले गए. समूह का कहना है कि उनका धार्मिक कार्यक्रम पहले से तय है और वे छह अगस्त तक हवन करेंगे. इसके बाद सात अगस्त को हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद स्थित डासना पीठ पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे.
जानकारी के अनुसार, सलीम वास्तिक अपने चार साथियों के साथ हरिद्वार पहुंचे और रोड धर्मशाला में हवन-यज्ञ शुरू किया. इसी दौरान धर्मशाला समिति ने इस पर आपत्ति जताई, जिससे विवाद की स्थिति बन गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की. इसके बाद समूह वहां से दूसरे आश्रम के लिए रवाना हो गया.
विवाद के बाद सलीम वास्तिक ने कहा कि उनका हवन कार्यक्रम नहीं रुकेगा. समूह अब दूसरे आश्रम में छह अगस्त तक हवन-यज्ञ करेगा. इसके बाद सात अगस्त को हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के डासना पीठ पहुंचेगा, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा. समूह ने कहा कि उनकी यात्रा पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी.
समूह के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य विश्व शांति, सामाजिक सौहार्द और देश में अमन-चैन की कामना करना है. सलीम वास्तिक ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले तय स्थान पर हवन करने की अनुमति नहीं दी गई. वहीं शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समूह को दूसरे आश्रम भेज दिया गया.
समूह में शामिल अनीषा बानो ने मीडिया को बताया कि वह दो वर्ष पहले इस्लाम छोड़ चुकी हैं. उनके अनुसार वर्ष 2024 में उनके पति ने तलाक देने के बाद दोनों बच्चों को अपने पास रख लिया. उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों की सलामती की कामना के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं और इसी उद्देश्य से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी.
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए बहादराबाद पुलिस ने हाईवे पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. रानीपुर झाल से बोंगला बाईपास तक सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों को हटाया गया. पुलिस का कहना है कि संकरे मार्ग से दुर्घटना की आशंका बढ़ रही थी, इसलिए कार्रवाई कर रास्ते को साफ कराया गया.