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Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बारिश का कहर, तीन जिलों में रेड अलर्ट; भूस्खलन से बंद हुआ यमुनोत्री हाईवे

उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने तीन जिलों में रेड और पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. उत्तरकाशी में भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बारिश का कहर, तीन जिलों में रेड अलर्ट; भूस्खलन से बंद हुआ यमुनोत्री हाईवे
Courtesy: Chatgpt

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. पहाड़ से लेकर मैदान तक कई क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है. रविवार को कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. 

राज्य सरकार और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. उत्तरकाशी जिले में रविवार तड़के हल्की से मध्यम बारिश हुई. लगातार बारिश के कारण स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हो गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम बड़कोट की ओर से सड़क खोलने के प्रयास में जुटी हुई है. इससे पहले भी इसी स्थान पर भारी भूस्खलन के कारण लगभग एक सप्ताह तक यातायात बंद रहा था. प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक व्यवस्था होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

कैसी है कुमाऊं में स्थिति?

कुमाऊं मंडल के कई जिलों में भी शनिवार रात से लगातार बारिश जारी है. हल्द्वानी, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में अच्छी बारिश दर्ज की गई. भारी वर्षा के कारण सरयू नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ गई है, जिससे कई पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा आने से सात सड़कें बंद हो गई हैं. संबंधित विभाग सड़कें खोलने और पेयजल व्यवस्था बहाल करने में जुटे हुए हैं. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.

मौसम विभाग ने क्या बताया?

मौसम विभाग ने रविवार के लिए नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ भूस्खलन, जलभराव और नदी नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है. लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.

राज्य आपदा प्रबंधन ने क्या दिए निर्देश?

राज्य आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. राहत और बचाव दलों को भी पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें.