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कोटद्वार में बैंक अधिकारी बनकर ठग ने खाते से उड़ा दिए 1.47 लाख रुपये, ऐसे रची पूरी साजिश

उत्तराखंड के कोटद्वार में साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है. बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने एसबीआई योनो एप से जुड़ी प्रक्रिया के बहाने एक व्यक्ति से 1.47 लाख रुपये की ठगी कर ली.

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Edited By: Shanu Sharma
कोटद्वार में बैंक अधिकारी बनकर ठग ने खाते से उड़ा दिए 1.47 लाख रुपये, ऐसे रची पूरी साजिश
Courtesy: AI

उत्तराखंड के कोटद्वार में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों की भरोसे की भावना का फायदा उठाया है. इस बार ठग ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति से 1 लाख 47 हजार रुपये की ठगी कर ली.

पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मोबाइल नंबर समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है.

कैसे खाते से कट गए रुपये?

पुलिस को दी गई तहरीर में कोटद्वार निवासी विकाश ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर गूगल के माध्यम से एसबीआई योनो एप डाउनलोड किया था. एप डाउनलोड करने के कुछ ही समय बाद उनके पास एक फोन आया. फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को एसबीआई योनो की मुख्य शाखा, पुणे का कर्मचारी बताया और खाते से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं पूरी करने की बात कही.

पीड़ित के अनुसार, फोन पर मौजूद व्यक्ति ने जिस तरह के निर्देश दिए, उन्होंने उन पर भरोसा करते हुए सभी कदम पूरे कर दिए. कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने के संदेश आने लगे. देखते ही देखते उनके बैंक खाते से कुल 1,47,000 रुपये निकाल लिए गए. इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि फोन कॉल, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है. साथ ही संबंधित बैंक से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक अधिकारी बनकर आने वाले किसी भी फोन कॉल पर बिना पुष्टि किए अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें. किसी भी एप को केवल आधिकारिक माध्यम से ही डाउनलोड करें और किसी के कहने पर ओटीपी, पासवर्ड, कार्ड विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें. यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें.