गुरदासपुर सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में तकनीकी खराबी के कारण बड़ा नुकसान सामने आया है. ब्लड स्टोरेज फ्रीजर अचानक खराब होने से 25 यूनिट रक्त उपयोग के लायक नहीं रहा. अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कंपनी से जवाब मांगा है.
गुरदासपुर सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में देर रात ब्लड स्टोरेज फ्रीजर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई. ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. पूजा खोसला ने बताया कि सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि फ्रीजर ने किसी तरह का अलर्ट या चेतावनी संकेत नहीं दिया. इसी वजह से कर्मचारियों को समय पर खराबी की जानकारी नहीं मिल सकी. जब तक स्थिति का पता चला, तब तक फ्रीजर में रखा 25 यूनिट रक्त खराब हो चुका था. अस्पताल प्रशासन ने इसे गंभीर तकनीकी खामी मानते हुए पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी.
डॉ. पूजा खोसला ने बताया कि खराब हो चुके रक्त का इस्तेमाल किसी भी मरीज के इलाज में नहीं किया गया. संक्रमण या किसी अन्य खतरे से बचने के लिए सभी 25 यूनिट रक्त को बायोमेडिकल वेस्ट नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने फ्रीजर उपलब्ध कराने वाली कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. प्रशासन यह जानना चाहता है कि नया फ्रीजर बिना किसी चेतावनी के कैसे खराब हुआ. अस्पताल ने साफ किया है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस घटना के बावजूद मरीजों को रक्त की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. हाल ही में आयोजित रक्तदान शिविरों की वजह से ब्लड बैंक में करीब 50 यूनिट रक्त सुरक्षित रखा गया है. जरूरत पड़ने पर मरीज तय प्रक्रिया के तहत ब्लड बैंक से रक्त ले सकते हैं. अस्पताल प्रशासन ने लोगों से रक्तदान करने की भी अपील की है ताकि ब्लड बैंक में पर्याप्त स्टॉक बना रहे. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी की पूरी जांच के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.