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बारिश में भी सुरक्षित यात्रा, केदारनाथ यात्रियों के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मौसम की स्थिति को लगातार देखा जा रहा है. हेलीकॉप्टर सेवाओं पर खास नजर रखी जा रही है. अगर बादल छाए रहें, दृश्यता कम हो या मौसम खराब होने के कोई संकेत मिलें तो तुरंत उड़ानें रोक दी जाती हैं.

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Edited By: Antima Pal
बारिश में भी सुरक्षित यात्रा, केदारनाथ यात्रियों के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
Courtesy: Pinterest

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के केदार घाटी में लगातार बारिश हो रही है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्ग और केदारनाथ धाम पर पूरे सुरक्षा प्रबंध कर रखे हैं.

केदारनाथ में श्रद्धालुओं के लिए एक्टिव हुई प्रशासन की टीम

रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मौसम की स्थिति को लगातार देखा जा रहा है. हेलीकॉप्टर सेवाओं पर खास नजर रखी जा रही है. अगर बादल छाए रहें, दृश्यता कम हो या मौसम खराब होने के कोई संकेत मिलें तो तुरंत उड़ानें रोक दी जाती हैं. प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे समय-समय पर जारी होने वाले मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन जरूर करें.

'कंट्रोल रूम से पूरी निगरानी'

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा- 'मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. हम कंट्रोल रूम से पूरी निगरानी कर रहे हैं और टीमों को फील्ड में रैंडम जांच के लिए भेज रहे हैं. यात्रा मार्ग पर टीमें तैनात हैं. सीसीटीवी कैमरों से निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है.'

'मेडिकल रिलीफ पॉइंट्स पर डॉक्टरों की टीम मौजूद'

उन्होंने आगे बताया- 'कहीं भी भूस्खलन या भारी बारिश जैसी स्थिति बनती है तो तुरंत लोगों को अलर्ट कर दिया जाता है और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया जाता है. मेडिकल रिलीफ पॉइंट्स पर डॉक्टरों की टीम मौजूद है ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके.'

प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों में साइनेज और बैनर लगाए हैं. जहां अज्ञात रास्तों पर लोग भटक सकते हैं, वहां बैरिकेडिंग कर दी गई है और श्रद्धालुओं को सावधान किया जा रहा है. केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पैदल चलने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं. बारिश के कारण फिसलन हो सकती है, इसलिए प्रशासन ने यात्रियों से धीरे-धीरे चलने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

जिला प्रशासन का कहना है कि मौसम की चुनौती के बावजूद श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है. कंट्रोल रूम में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. यदि कोई भी खतरा नजर आए तो तुरंत एक्शन लिया जाता है.