रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सुबह 8:15 बजे तक जिले के अधिकांश हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई. लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी है और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
लगातार बारिश के बावजूद जिले के लिए राहत की बात यह है कि अलकनंदा, मंदाकिनी सहित सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर सामान्य बना हुआ है. प्रशासन के अनुसार किसी भी नदी में अभी खतरे जैसी स्थिति नहीं बनी है. सभी नदियां अपने निर्धारित चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं, जिससे फिलहाल बाढ़ या जलभराव का कोई तात्कालिक खतरा नहीं है.
मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 8:00 बजे तक अलकनंदा नदी का जलस्तर 623.150 मीटर, मंदाकिनी नदी का 622.230 मीटर, गंगानगर क्षेत्र में जलस्तर 799.200 मीटर तथा गौरीकुंड में 1974.820 मीटर दर्ज किया गया. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. वर्षा के आंकड़ों के अनुसार जिले में सबसे अधिक 46.00 मिलीमीटर बारिश जखोली तहसील में दर्ज की गई. इसके अलावा ऊखीमठ तहसील में 23.50 मिलीमीटर और रुद्रप्रयाग तहसील में 20.00 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है.
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि बारिश के बावजूद श्री केदारनाथ यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है और यात्रियों की आवाजाही पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है. यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था लगातार मजबूत रखी जा रही है. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए उच्चतम स्तर की तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, दुर्घटना, दैवीय आपदा या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके. प्रशासन ने कहा कि मानसून के दौरान सतर्कता और समय पर सूचना देना किसी भी संभावित नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.