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पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की खुशी, हाई कोर्ट ने हटाई रोक

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति पर लगी अस्थायी रोक अब खत्म हो गई है. हालांकि अदालत ने कुछ याचिकाओं को भी स्वीकार कर लिया है. इन याचिकाओं में मांग की गई है कि सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और अन्य प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति या पदोन्नति के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना जरूरी होना चाहिए.

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Edited By: Antima Pal
पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की खुशी, हाई कोर्ट ने हटाई रोक
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की पदोन्नति पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है. इस फैसले से हजारों शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है. अब सरकारी स्कूलों में लंबे समय से रुकी हुई प्रिंसिपलों की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति पर लगी अस्थायी रोक अब खत्म हो गई है. हालांकि अदालत ने कुछ याचिकाओं को भी स्वीकार कर लिया है. इन याचिकाओं में मांग की गई है कि सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और अन्य प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति या पदोन्नति के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना जरूरी होना चाहिए.

अंतिम फैसले तक पदोन्नति अस्थायी

जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल की बेंच ने कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला आने तक की गई सभी पदोन्नतियां अदालत के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगी. यानी अगर बाद में कोई फैसला आता है तो उसके अनुसार बदलाव भी हो सकता है.

अदालत ने सभी संबंधित याचिकाओं की सुनवाई छह महीने के अंदर पूरी करने का भी निर्देश दिया है. इससे मामले का जल्द निपटारा हो सकेगा.

याचिकाकर्ताओं की मांग

याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि स्कूलों में प्रिंसिपल जैसे महत्वपूर्ण पद शिक्षा से जुड़े हैं. इसलिए इन पदों पर भी वही नियम लागू होने चाहिए जो सामान्य शिक्षकों पर लागू होते हैं. उनका कहना था कि TET पास करना प्रिंसिपलों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य होना चाहिए. इससे शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहेगी और योग्य लोग ही पद पर आ सकेंगे.