मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में शनिवार को प्रशासन ने लंढौर क्षेत्र के अंडाखेत के नीचे स्थित एक धार्मिक संरचना पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. कार्रवाई के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया. हालांकि, पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को कार्रवाई स्थल से पहले ही रोक दिया. प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है.
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के अनुसार, कब्रिस्तान समिति लंढौर को संबंधित भूमि और संरचना के स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था. लेकिन निर्धारित समय के भीतर कोई वैध दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए. इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की गई.
प्रशासन के अनुसार, लंढौर कैंट बोर्ड, वन विभाग और वक्फ बोर्ड ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान तीनों संस्थाओं ने बताया कि संबंधित भूमि उनकी संपत्ति नहीं है. वक्फ बोर्ड ने भी स्पष्ट किया कि यह भूमि उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती.
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संबंधित भूमि नगर पालिका सीमा के अंतर्गत आती है. प्रशासन का कहना है कि यह सरकारी अथवा नगर पालिका की संपत्ति है. इसी आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.
कार्रवाई के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रशासन के फैसले पर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि संबंधित स्थान पर उनका लगभग 200 वर्षों से कब्जा रहा है. समुदाय का यह भी दावा है कि विवादित स्थल के निकट कब्रिस्तान स्थित है, इसलिए मामले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए.
प्रशासन ने कहा है कि पूरी कार्रवाई विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है. अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया. फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.