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India Daily

कांवड़ मेला 2026 की तैयारियों में एक नई पहल, डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात

शुक्रवार को पटेल भवन में कांवड़ मेला ड्यूटी पर लगाए गए साइबर कमांडो की विशेष ब्रीफिंग हुई. देशभर से आए 31 प्रशिक्षित साइबर कमांडो और उत्तराखंड के चार कमांडो को साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के बारे में विस्तृत निर्देश दिए गए.

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Edited By: Antima Pal
कांवड़ मेला 2026 की तैयारियों में एक नई पहल, डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड में कांवड़ मेला 2026 की तैयारियों में एक नई और महत्वपूर्ण पहल की गई है. इस बार पहली बार बड़े धार्मिक आयोजन की डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात किए जा रहे हैं. लाखों श्रद्धालुओं के आने वाले इस मेले में उनकी साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसे महाकुंभ 2027 की तैयारियों की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

कांवड़ मेला 2026 की तैयारियों में एक नई पहल

शुक्रवार को पटेल भवन में कांवड़ मेला ड्यूटी पर लगाए गए साइबर कमांडो की विशेष ब्रीफिंग हुई. देशभर से आए 31 प्रशिक्षित साइबर कमांडो और उत्तराखंड के चार कमांडो को साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के बारे में विस्तृत निर्देश दिए गए. ये कमांडो हरिद्वार में तैनात रहेंगे.

डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात

मेले के दौरान चार खास इकाइयां काम करेंगी. इनमें साइबर सिक्योरिटी यूनिट, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, साइबर इंटेलिजेंस यूनिट और इंसिडेंट रिस्पांस यूनिट शामिल हैं. ये इकाइयां चौबीसों घंटे साइबर स्पेस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और दूसरे डिजिटल माध्यमों पर नजर रखेंगी. इनका मुख्य मकसद साइबर अपराधों को रोकना, अफवाहों पर काबू पाना और श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

ये 35 कमांडो हरिद्वार कंट्रोल रूम, कांवड़ सेल पटेल भवन और आईटीडीए में तैनात रहकर वर्चुअल दुनिया की लगातार निगरानी करेंगे. टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी और रियल-टाइम सूचना साझा करके मैदान में तैनात पुलिस इकाइयों को तकनीकी मदद भी देगी.

यह व्यवस्था इसलिए जरूरी है क्योंकि मेले के दौरान लाखों लोग मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. फर्जी खबरें, ऑनलाइन धोखाधड़ी या अफवाहें फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है. प्रशिक्षित साइबर कमांडो इन खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं.