उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. अब नया मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Card) बनवाने के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. निर्वाचन आयोग की नई व्यवस्था के तहत मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 15 दिनों के भीतर वोटर आईडी कार्ड जारी कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, आवेदन करने के बाद कार्ड बनने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी आवेदक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर समय-समय पर भेजी जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, वोटर आईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू कर दी गई है. अब आवेदन जमा होने के बाद कार्ड तैयार होने, प्रिंटिंग और वितरण से जुड़ी हर जानकारी एसएमएस के माध्यम से आवेदक तक पहुंचेगी. इससे मतदाताओं को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
उत्तराखंड में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. इसे देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भारत निर्वाचन आयोग की ओर से लागू किए जा रहे सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है. निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए करीब 40 सुधारात्मक कदम उठाए हैं. इनमें मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना, नई तकनीक का उपयोग, राजनीतिक दलों के साथ बेहतर समन्वय और कर्मचारियों का कौशल विकास शामिल है.
इस बार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को ईवीएम पर प्रत्याशियों की सुस्पष्ट रंगीन तस्वीर भी दिखाई देगी. इसका उद्देश्य यह है कि मतदाता आसानी से उम्मीदवार की पहचान कर सकें और सही उम्मीदवार को वोट देने में किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने. निर्वाचन आयोग का मानना है कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा मतदाता-अनुकूल बनाएगा.
चुनाव आयोग ने इस बार मतदान के दौरान मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था लागू की है. मतदान केंद्रों के पास मोबाइल डिपॉजिट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जहां मतदाता सुरक्षित तरीके से अपना मोबाइल जमा कर सकेंगे और मतदान के बाद वापस ले सकेंगे. इससे मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
निर्वाचन आयोग केवल मतदान प्रक्रिया में बदलाव ही नहीं कर रहा, बल्कि चुनाव से जुड़े सभी पक्षों को प्रशिक्षित भी कर रहा है. इस बार कर्मचारियों के अलावा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, मीडिया कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. प्रशिक्षण शिविरों की शुरुआत भी हो चुकी है.
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार सात नए राजनीतिक दलों ने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन किया है. हालांकि आयोग ने अभी इन दलों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इनके बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी.