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कैंची धाम श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, बेली ब्रिज बनकर तैयार; आज होगा ट्रायल रन

कैंची धाम श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है. भवाली-दूनीखाल-रातीघाट बाईपास पर बेली ब्रिज निर्माण पूरा हो गया है. कैंची धाम स्थापना दिवस से पहले यह पुल खुल जाएगा जिससे हाईवे जाम समस्या खत्म होगी और कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी. 

Shilpa Shrivastava
कैंची धाम श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, बेली ब्रिज बनकर तैयार; आज होगा ट्रायल रन
Courtesy: Pinterest

नैनीताल: कैंची धाम श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है क्योंकि भवाली-दूनीखाल-रातीघाट बाईपास मार्ग पर बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. कैंची धाम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह बाईपास बनाया गया है जो यात्रा को आसान बनाएगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 15 जून स्थापना दिवस से पहले पुल तैयार किया गया है ताकि लाखों भक्त बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें. 

ब्रिज की सतह पर प्लेट लगाने का काम पूरा होने के बाद बुधवार दोपहर में वाहनों से पुल का ट्रायल होगा. यदि ट्रायल सफल रहा तो गुरुवार को उद्घाटन कर मार्ग सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा. इससे अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर लगने वाला जाम काफी हद तक कम हो जाएगा.

हाईवे पर जाम की समस्या होगी दूर- सीएम धामी

मंगलवार को सचिवालय में समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाईपास शुरू होने से हाईवे पर जाम की समस्या दूर होगी. कैंची धाम समेत पूरे कुमाऊं को इसका लाभ मिलेगा. तीन साल पहले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया था. इस वर्ष के अंत तक पूरा मार्ग बनकर तैयार हो जाएगा.
• बेली ब्रिज से यात्रा होगी आसान
• जाम से मिलेगी स्थायी निजात
• श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ेगी  

15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस:

15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस है. इस बार दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं. नींब करौरी बाबा आश्रम के मेले को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है. मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के निर्देश पर बेली ब्रिज समय से पहले पूरा किया गया. बुधवार दोपहर तक सभी काम निपट जाएंगे.

हल्द्वानी से कैंची धाम तक ग्रीन कारिडोर बनाया जाएगा. मेले के दिन वाहनों की भारी भीड़ रहेगी. आपात स्थिति में पुलिस एंबुलेंस और फायर टेंडर तुरंत पहुंच सकें इसके लिए यह व्यवस्था की गई है. इससे किसी भी समस्या का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा.

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने का फैसला:

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने आश्रम सभागार में बैठक की. ट्रस्ट प्रबंधन और टैक्सी यूनियन के साथ चर्चा कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने का फैसला किया गया. 

शटल सेवा भी चलेगी. खैरना से सौ टैक्सी और भवाली से डेढ़ सौ से ज्यादा टैक्सी वाहन संचालित होंगे. हल्द्वानी से डेढ़ सौ बसें और टैक्सी तथा भवाली से रोडवेज और ग्राफिक एरा बसें चलाई जाएंगी. इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम रहेगी.

यातायात व्यवस्था होगी मजबूत:

यह बाईपास कुमाऊं क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को मजबूत करेगा. स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की यात्रा में सुविधा मिलेगी. कैंची धाम मेले की तैयारियां जोरों पर हैं और सभी विभाग समन्वय से काम कर रहे हैं.  श्रद्धालुओं से अपील है कि वे नियमों का पालन करें और पार्किंग का सही उपयोग करें. यह प्रयास कैंची धाम यात्रा को यादगार और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.