हरिद्वार के सराय गांव में एक सामान्य घरेलू समस्या उस समय बड़े वन्यजीव रेस्क्यू अभियान में बदल गई. एक परिवार की पानी की टंकी से पानी आना बंद हो गया. कारण जानने के लिए जब परिजनों ने टंकी के भीतर झांका तो वहां बड़ी संख्या में सांप के बच्चे रेंगते दिखाई दिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया.
सराय गांव के एक परिवार को उस समय कुछ गड़बड़ होने का एहसास हुआ जब घर की मुख्य पानी की सप्लाई चालू होने के बावजूद टंकी से पानी नहीं निकल रहा था. पहले इसे सामान्य तकनीकी समस्या समझा गया लेकिन जब परिवार के लोगों ने टंकी की जांच करने का फैसला किया तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए. टंकी के भीतर दर्जनों सांप के बच्चे घूम रहे थे. अचानक इतनी बड़ी संख्या में सांप दिखाई देने से घर के लोग डर गए और शोर मचाने लगे. देखते ही देखते पड़ोसी और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए.
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग से संपर्क किया. रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह के निर्देशन में त्वरित प्रतिक्रिया टीम मौके पर पहुंची. टीम के साथ अनुभवी स्नेक कैचर तालिब और भोला भी मौजूद थे. सबसे पहले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया ताकि कोई व्यक्ति घबराहट में टंकी के पास न जाए.
हरिद्वार में एक घर में पानी की टंकी से 27 सांप ... pic.twitter.com/fIx35fuulx
— Dinkar Singh Rawat (@dinkarsr11) June 9, 2026
रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था. सांप के बच्चे टंकी के अलग-अलग हिस्सों में फैले हुए थे. स्नेक कैचरों ने विशेष उपकरणों और सावधानी के साथ एक-एक कर उन्हें बाहर निकालना शुरू किया. करीब एक घंटे तक चले अभियान के दौरान कुल 27 सांप के बच्चे सुरक्षित पकड़े गए.
वन विभाग के अनुसार टंकी के भीतर मिले सभी सांप कीलबैक प्रजाति के थे, जिन्हें आम बोलचाल में पानी का सांप कहा जाता है. रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि किसी मादा सांप ने टंकी के भीतर सुरक्षित और ठंडी जगह देखकर अंडे दिए होंगे. गर्मी बढ़ने के दौरान कई वन्यजीव ठंडी और नम जगहों की तलाश में आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं. रेस्क्यू के बाद सभी 27 सांपों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया.