हरिद्वार: आस्था का केंद्र तैयार, गंदगी अब दूरहरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं. गंगा घाटों को देखकर किसी को अंदाजा भी नहीं होगा कि यहां कुछ दिन पहले तक सामान्य सफाई चल रही थी. अब आधुनिक तकनीक ने यहां की सूरत बदल दी है. कोटक बैंक के सहयोग से मिली स्क्रबर और ऑटोमैटिक स्वीपिंग मशीनें घाटों को चमकाने में लगी हैं. श्रद्धालु जब पहुंचेंगे तो उन्हें स्वच्छ और सुंदर घाट मिलेंगे.
महापौर किरण जैसल ने इस विशेष अभियान का शुभारंभ करते हुए स्पष्ट कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. कांवड़ और अर्धकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे. उनके मन में गंगा घाटों को लेकर कोई शिकायत न रहे, इसके लिए नगर निगम हर संभव प्रयास कर रहा है. आधुनिक मशीनों से सफाई पहले से कहीं ज्यादा तेज और प्रभावी होगी.
नगर निगम प्रशासन ने इस बार पारंपरिक झाड़ू-बुहारी से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है. स्क्रबर मशीनें घाटों की सतह को गहरी सफाई दे रही हैं जबकि ऑटोमैटिक स्वीपिंग मशीनें तेजी से कचरा इकट्ठा कर रही हैं. इससे समय की बचत हो रही है और सफाई का स्तर भी बढ़ गया है. कोटक बैंक की इस साझेदारी से शहर की छवि और निखरने वाली है.
उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, प्रोजेक्ट इंजीनियर योगेश मिश्रा और सफाई निरीक्षक आकाश कुमार समेत पूरा नगर निगम टीम इस अभियान में सक्रिय है. सभी अधिकारी और कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई कमी न रह जाए. उनकी यह समर्पित कोशिश श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव बनाने जा रही है.
गंगा घाटों पर स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि आस्था का सम्मान है. आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से घाट हमेशा साफ-सुथरे दिखेंगे. श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के गंगा स्नान और पूजा कर सकेंगे. यह पहल अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकती है.
नगर निगम इस सफाई अभियान को सिर्फ कांवड़ मेले तक सीमित नहीं रखना चाहता. लंबे समय तक घाटों को स्वच्छ रखने के लिए यह सिस्टम जारी रहेगा. इससे हरिद्वार की साफ-सुथरी छवि देशभर में और मजबूत होगी. श्रद्धालु जब यहां आएंगे तो उन्हें न सिर्फ आध्यात्मिक बल्कि स्वच्छता का भी अनुभव मिलेगा.