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'हरिद्वार में दिखेगी देवलोक की झलक!' 2027 अर्धकुंभ के लिए बनेंगे भव्य 3D 'संस्कृति द्वार'

 हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 के लिए प्रमुख मार्गों पर आध्यात्मिक थीम आधारित भव्य 3D संस्कृति द्वार बनाए जाएंगे, जिनमें प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'हरिद्वार में दिखेगी देवलोक की झलक!' 2027 अर्धकुंभ के लिए बनेंगे भव्य 3D 'संस्कृति द्वार'
Courtesy: X

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम वाले त्रिआयामी (3D) स्वागत द्वार तैयार किए जाएंगे. मेला प्राधिकरण ने इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ये संरचनाएं केवल बैनर या होर्डिंग नहीं होंगी, बल्कि स्टील फ्रेमवर्क पर आधारित मजबूत और भव्य प्रवेश द्वार होंगी, जो श्रद्धालुओं को एक दिव्य माहौल का अहसास कराएंगी.

स्वागत के साथ सुरक्षा की अनूठी व्यवस्था

इन द्वारों का निर्माण एनएच-58, सिंह द्वार, भूपतवाला चौक, बैरागी कैंप और जानकी सेतु जैसे प्रमुख स्थानों पर किया जाएगा. इनकी चौड़ाई 7 से 35 मीटर और ऊंचाई 8 से 18 मीटर तक होगी. द्वारों में रात के समय आकर्षक लाइटिंग, बिजली बैकअप और भीड़ प्रबंधन के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए कम से कम 6 मीटर की स्पष्ट ऊंचाई रखी जाएगी.

धार्मिक प्रसंगों और परंपराओं पर आधारित थीम

इन स्वागत द्वारों के डिजाइन समुद्र मंथन, मां गंगा, शिवलिंग, त्रिशूल, डमरू, ओम, अमृत कलश और अखाड़ा परंपरा जैसे धार्मिक प्रसंगों पर आधारित होंगे. चयनित एजेंसी को वर्क ऑर्डर मिलने के 30 दिनों के भीतर इनका निर्माण, स्थापना और लाइटिंग का काम पूरा करना होगा संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी रुड़की जैसी प्रतिष्ठित संस्था से सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा.

रखरखाव और समयबद्ध योजना

मेला अवधि के दौरान इन द्वारों की नियमित सफाई, देखरेख और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की ही होगी अर्धकुंभ समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर इन सभी अस्थायी संरचनाओं को हटाकर स्थानों को पहले जैसी स्थिति में बहाल कर दिया जाएगा.