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उत्तराखंड में सरकारी जमीनों के सौदे पर कांग्रेस का धामी सरकार पर हमला, 10 दिन का अल्टीमेटम; हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

उत्तराखंड कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सरकारी जमीनों की लीज, कथित घोटालों और भर्ती में अनियमितताओं की जांच की मांग की है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Nasir Husain
Reported By: Nasir Husain
उत्तराखंड में सरकारी जमीनों के सौदे पर कांग्रेस का धामी सरकार पर हमला, 10 दिन का अल्टीमेटम; हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
Courtesy: Nasir Husain

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. इसमें धामी सरकार पर राज्य की कीमती सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर निजी कंपनियों को सौंपने का आरोप लगाया गया. कांग्रेस ने मांग की है कि 10 दिनों के भीतर इन फैसलों को वापस लिया जाए. ऐसा नहीं होने पर पार्टी ने हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है.

 जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की लीज पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 20 दिसंबर 2022 को कैबिनेट के एक फैसले के जरिए सभी विभागों की सरकारी जमीन से जुड़े अंतिम निर्णय का अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया गया. पार्टी ने इसे सामूहिक उत्तरदायित्व और सरकारी कामकाज के नियमों के खिलाफ बताया.

ज्ञापन में मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का मामला प्रमुखता से उठाया गया. कांग्रेस के मुताबिक, करीब 142 एकड़ जमीन और राष्ट्रीय धरोहर को कथित तौर पर एक व्यक्ति से जुड़ी कंपनियों को 15 साल के लिए सालाना सिर्फ एक करोड़ रुपये के किराये पर लीज पर दिया गया.

40 सरकारी संपत्तियों को 90 साल की लीज पर देने का आरोप

कांग्रेस ने यूआईआईडीबी अधिनियम 2023 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि पटवाडांगर, नगऊ, धनौल्टी, मगरा, ऋषिकेश, डाकपत्थर और रामगढ़ जैसी संपत्तियों के हस्तांतरण में कानूनी प्रावधानों और संबंधित विभागों के मंत्रियों की सहमति को नजरअंदाज किया गया.

पार्टी का दावा है कि कई जमीनों का हस्तांतरण बिना पैमाइश और मालिकाना हक स्पष्ट किए किया गया. इनमें हरिद्वार का अलकनंदा होटल और ब्रिटिशकालीन निरीक्षण भवन भी शामिल हैं. कांग्रेस ने प्रदेश के 12 जिलों में स्थित करीब 40 सरकारी संपत्तियों को 90 साल की लीज पर देने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए.

पार्टी ने जॉर्ज एवरेस्ट की लीज रद्द करने, भूमि हस्तांतरण से जुड़े शासनादेश वापस लेने और संपत्तियों को उनके मूल विभागों को लौटाने की मांग की है.

भर्ती और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग

ज्ञापन में कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज करने की अनुमति नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए. पार्टी ने कोरोना काल में सहकारिता विभाग की भर्तियों में 20-20 लाख रुपये लेकर नौकरियां बेचने के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.

इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए एमबीबीएस दाखिलों की समयबद्ध जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई.

रेखा आर्य से जुड़े आरोपों की जांच की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य पर उनके पति की ओर से लगाए गए 210 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों की सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग की.

प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता शामिल

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, मदन बिष्ट, फुरकान अहमद और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे.