उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सांगठनिक टीम में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि अरविंद मेनन और सांसद बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है. यह नई तिकड़ी राजनीतिक रणनीति, गहन संगठन प्रबंधन और युवा व महिला वर्ग से संवाद के अनुभवों का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करती है.
राम माधव की नियुक्ति से उत्तराखंड भाजपा के कामकाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. वर्ष 2014 से 2020 तक भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रहे राम माधव जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं. उनकी कार्यशैली में केवल आधिकारिक रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय बूथ, मंडल और विधानसभा स्तर से मिलने वाले जमीनी फीडबैक और रणनीतिक समीक्षा पर सबसे अधिक जोर दिए जाने की संभावना है.
सह-प्रभारी अरविंद मेनन के पास मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में संगठन विस्तार और चुनाव प्रबंधन का लंबा अनुभव है. उत्तराखंड में उनकी मुख्य भूमिका बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना होगा. कमजोर मंडलों की पहचान करना, स्थानीय नेतृत्व के मुद्दों को सुलझाना और पिछले चुनावों में कम अंतर से हारी गई सीटों पर जमीनी रणनीति तैयार करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी.
नई दिल्ली से सांसद और कानून पृष्ठभूमि से आने वाली बांसुरी स्वराज की उपस्थिति नई टीम में एक नया उत्साह जोड़ती है. उत्तराखंड में उनकी मुख्य भूमिका युवाओं और महिला मतदाताओं के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की होगी. रोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों को सीधे जनता के बीच ले जाकर उनके फीडबैक को पार्टी की मुख्य रणनीति में शामिल करना उनका प्रमुख काम होगा.