रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से केदारनाथ यात्रा को लेकर अहम अपडेट सामने आया है. गौरीकुंड गेट के पास अचानक हुए भूस्खलन के कारण केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी है.भूस्खलन के बाद संबंधित एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन का कहना है कि जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी. फिलहाल श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
जानकारी के अनुसार, गौरीकुंड गेट के निकट भूस्खलन होने से केदारनाथ पैदल मार्ग प्रभावित हो गया. मलबा आने के कारण रास्ते पर आवागमन सुरक्षित नहीं माना गया. इसी वजह से प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मार्ग को बंद करने का निर्णय लिया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.
VIDEO | Rudraprayag: Landslide near Gaurikund Gate forces closure of the Kedarnath trekking route; movement of pilgrims halted.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/bx9HJK9gOF
भूस्खलन के बाद केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.
मार्ग बंद होने के बाद संबंधित अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं. प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके. प्रशासन का पूरा ध्यान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए रखने पर है.
प्रशासन ने कहा है कि पैदल मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी. तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सुरक्षा मानकों को पूरा करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है.
प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है. फिलहाल यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई है और आगे की स्थिति के अनुसार अगला निर्णय लिया जाएगा. यात्रियों से बिना अनुमति प्रभावित क्षेत्र की ओर जाने से भी बचने को कहा गया है.