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उत्तराखंड में हजारों युवाओं का इंतजार खत्म, 1586 बेसिक शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी तेज

उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने 1586 रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है.

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Edited By: Reepu Kumari
उत्तराखंड में हजारों युवाओं का इंतजार खत्म, 1586 बेसिक शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी तेज
Courtesy: Pinterest

Uttarakhand Teacher Recruitment 2026: उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है. अब इस समस्या को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने प्रदेशभर में रिक्त पड़े 1586 बेसिक शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है. इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है. भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयवार रिक्त पदों का पूरा विवरण मंगा लिया है. इन आंकड़ों के आधार पर पहले स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद बची हुई रिक्तियों के अनुसार भर्ती प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

13 जिलों के 1307 विद्यालयों में खाली हैं पद

शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के 13 जनपदों के 1307 राजकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में बेसिक शिक्षकों के कुल 1586 पद रिक्त हैं. इन पदों को भरने के लिए सभी जिलों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर ली गई है. विभाग अब विद्यालयवार उपलब्ध आंकड़ों का परीक्षण कर आगे की प्रक्रिया तय करेगा, ताकि भर्ती कार्य निर्धारित क्रम में पूरा किया जा सके.

भर्ती से पहले पूरी होगी स्थानांतरण प्रक्रिया

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या, स्वीकृत पद, कार्यरत शिक्षकों और रिक्तियों का विस्तृत ब्योरा एकत्र किया है. विभाग पहले इन्हीं आंकड़ों का उपयोग वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम के तहत अनुरोध आधारित तबादलों के लिए करेगा. स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम रिक्त पदों का निर्धारण किया जाएगा और उसी आधार पर भर्ती प्रस्ताव तैयार होगा.

शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई

विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई सरकारी विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं. इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ रहा है. रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने के बाद शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है.

उत्तरकाशी में सबसे ज्यादा, अल्मोड़ा में सबसे कम रिक्तियां

रिक्त पदों के आंकड़ों के अनुसार उत्तरकाशी में सबसे अधिक 230 पद खाली हैं. इसके बाद नैनीताल में 196 और चमोली में 186 पद रिक्त हैं. वहीं अल्मोड़ा में सबसे कम 58 और चंपावत में 59 पद खाली हैं. इसके अलावा देहरादून में 119, हरिद्वार में 146, ऊधम सिंह नगर में 134, टिहरी में 156, पिथौरागढ़ में 142, बागेश्वर में 70, रुद्रप्रयाग में 62 तथा पौड़ी में 73 पद रिक्त हैं.

भर्ती पूरी होने पर स्कूलों को मिलेगा बड़ा लाभ

विभाग का मानना है कि अंतिम रिक्तियों का निर्धारण होने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इन पदों पर नियुक्ति होने से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और पठन-पाठन की व्यवस्था पहले से बेहतर होगी. इससे विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण का लाभ मिलेगा और विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी.