देहरादून: बकरीद से पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नमाज पढ़ने वालों के लिए एक अहम संदेश दिया. उन्होंने साफ किया कि नमाज पढ़ने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन इसे सिर्फ तय जगहों पर ही पढ़ा जाना चाहिए. उत्तराखंड में अभी चार धाम यात्रा पूरे जोर-शोर से चल रही है. इसलिए खुली जगहों पर नमाज पढ़ने से दूसरों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
राज्य में सभी समुदायों के लोग मेल-जोल और भाईचारे के साथ रहते हैं. CM धामी ने ये बातें हल्द्वानी सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं. मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य में चार धाम यात्रा चल रही है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किए गए हैं. इसे देखते हुए नमाज पढ़ने के मामले में ज्यादा सावधानी बरती जा रही है.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह पक्का करना बहुत जरूरी है कि नमाज पढ़ने से किसी को कोई परेशानी न हो. सिर्फ तय जगहों पर प्रार्थना करके इस स्थिति से आसानी से बचा जा सकता है.
चार धाम यात्रा को सुचारू और बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए सरकार ने जमीन पर अपना पूरा प्रशासनिक अमला लगा दिया है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पैदा होने वाली दिक्कतों को देखते हुए. जो इस बार हर इलाके में क्षमता से ज्यादा हो गई है. सरकार ने एक अपील जारी की है. श्रद्धालु अपनी यात्रा की तारीखें तभी तय करें जब वे जरूरी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर लें.
इस जन सुनवाई सत्र में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा BJP ज़िला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा धर्मवाल, विधायक सरिता आर्य, गणमान्य व्यक्ति अनिल कपूर 'डब्बू', दिनेश आर्य, ध्रुव रौतेला, भावना मेहरा और दीपक मेहरा, आयोग के सदस्य Z.A. वारसी, DM ललित मोहन रायाल, SSP मंजूनाथ T.C. और CDO अरविंद कुमार पांडे, साथ ही स्थानीय लोग मौजूद थे.
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस साल चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिल रही है. सिर्फ एक महीने में ही 2.05 मिलियन श्रद्धालु यह तीर्थयात्रा पूरी कर चुके हैं. केदारनाथ और यमुनोत्री में भी श्रद्धालुओं की इतनी ज्यादा भीड़ उमड़ रही है कि वहां की क्षमता भी कम पड़ रही है. इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड में दर्शन के लिए भी पहुंच रहे हैं. इस स्थिति को देखते हुए, प्रशासन बेहतर व्यवस्थाएं करने में पूरी तरह से जुटा हुआ है.