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बद्रीनाथ धाम में टूटा रिकॉर्ड, पहली बार 17.79 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बद्रीनाथ धाम में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या 17,79,805 पहुंच गई है. 153 दिनों में बना यह नया रिकॉर्ड पिछले वर्षों के आंकड़ों से आगे निकल गया है, जबकि यात्रा अभी जारी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बद्रीनाथ धाम में टूटा रिकॉर्ड, पहली बार 17.79 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Courtesy: social media

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में बद्रीनाथ धाम ने इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनाया है. 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 22 सितंबर तक 17,79,805 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं. खास बात यह है कि कपाट बंद होने में अभी करीब डेढ़ से पौने दो महीने का समय बाकी है.

153 दिनों में बना नया रिकॉर्ड

बद्रीनाथ धाम की इस साल की यात्रा ने 153 दिन में ही पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं. 22 सितंबर तक यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 17,79,805 हो चुकी है. मंगलवार को भी 6,685 यात्रियों ने धाम में दर्शन किए. मौसम में सुधार के साथ यात्रा बढ़ने की उम्मीद है, ऐसे में अंतिम आंकड़ा और ऊपर जा सकता है.

आपदा और कोरोना के बाद फिर बढ़ी आस्था

बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या का सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है. वर्ष 2000 में यहां 6,95,332 यात्रियों ने दर्शन किए थे. 2007 में यह संख्या 7,68,107 हुई. 2014 की भीषण आपदा के बाद आंकड़ा घटकर सिर्फ 1,59,575 रह गया. इसके बाद 2018 और 2019 में क्रमशः 10,48,051 और 12,44,993 श्रद्धालु पहुंचे. कोरोना के दौरान 2020 और 2021 में यात्रा प्रभावित रही.

2022 के बाद लगातार बढ़ी यात्रियों की संख्या

कोरोना के बाद बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी. वर्ष 2022 में 17,63,578, 2023 में 17,80,429, 2024 में 17,74,264 और 2025 में 17,78,298 यात्रियों ने दर्शन किए थे. इस साल 22 सितंबर तक ही आंकड़ा 17,79,805 पहुंच गया है. यानी यात्रा समाप्त होने से काफी पहले ही नया रिकॉर्ड बन चुका है.

दूसरे चरण में सुविधाओं पर जोर

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बढ़ती भीड़ को देखते हुए धामों और यात्रा पड़ावों पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. यात्रियों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा इंतजामों को बेहतर बनाया गया है. सरकार के अनुसार बद्रीनाथ धाम को उसके धार्मिक और पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप देने के लिए भी काम चल रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकें.