उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सामने आए ओपिनियन पोल ने प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है. न्यूज लीडर-मैट्रिज के सर्वे में भाजपा को 70 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि कांग्रेस के खाते में 22 और बसपा को एक सीट मिलने का अनुमान है. यह आंकड़े सर्वे के अनुमान हैं, चुनाव परिणाम नहीं.
इस ओपिनियन पोल के मुताबिक भाजपा बहुमत के लिए जरूरी 36 सीटों से ऊपर दिखाई गई है. कांग्रेस को 22 सीटों का अनुमान दिया गया है. बसपा के लिए एक सीट का अनुमान है. हालांकि, चुनाव अभी दूर है और ओपिनियन पोल में समय के साथ बदलाव संभव है.
अगस्त 2026 के इंडिया टुडे-सीवोटर मूड ऑफ द नेशन सर्वे में भी उत्तराखंड में भाजपा को कांग्रेस से अधिक वोटिंग इंटेंशन मिला था. उस सर्वे में भाजपा के लिए 40.9 प्रतिशत और कांग्रेस के लिए 36.7 प्रतिशत वोटिंग इंटेंशन दर्ज किया गया था. वहीं 39.1 प्रतिशत लोगों ने धामी सरकार के कामकाज से संतुष्टि जताई, जबकि 38.1 प्रतिशत असंतुष्ट थे.
इंडिया टुडे-सीवोटर के अगस्त 2026 सर्वे में पुष्कर सिंह धामी 28.2 प्रतिशत समर्थन के साथ मुख्यमंत्री पद के पसंदीदा चेहरों में सबसे आगे दर्ज किए गए. उनके बाद कांग्रेस नेता हरीश रावत को 23.3 प्रतिशत और गणेश गोदियाल को 16.6 प्रतिशत समर्थन मिला. हालांकि, इसी सर्वे में 25.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनकी पसंद है, लेकिन उन्होंने अंतिम फैसला नहीं किया है.
इससे यह भी पता चलता है कि मतदाताओं का एक हिस्सा अभी अपना अंतिम निर्णय तय नहीं कर चुका है. इसलिए मौजूदा सर्वेक्षणों को चुनाव के अंतिम नतीजे के तौर पर देखना उचित नहीं होगा.
इंडिया टुडे-सीवोटर के इसी सर्वे में उत्तराखंड के लोगों के लिए बेरोजगारी सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा रही. 20.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इसे प्रमुख मुद्दा बताया. इसके बाद शिक्षा और स्वास्थ्य को 18.9 प्रतिशत, महंगाई को 12.9 प्रतिशत और कानून-व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा को 10.8 प्रतिशत लोगों ने प्रमुख मुद्दा बताया.
सर्वे में विधायकों के कामकाज को लेकर भी अलग तस्वीर सामने आई. 48 प्रतिशत लोगों ने अपने मौजूदा विधायक के प्रदर्शन से असंतुष्टि जताई, जबकि 27.1 प्रतिशत संतुष्ट थे. यानी सरकार और स्थानीय विधायक के प्रति मतदाताओं की राय एक जैसी नहीं है.
भाजपा सरकार के कार्यकाल में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, महिलाओं को सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण और भू-कानून से जुड़े कदम जैसे विषय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं. वहीं विपक्ष सरकार के कामकाज, रोजगार, महंगाई और स्थानीय स्तर की समस्याओं को लेकर सवाल उठाता रहा है.
उत्तराखंड में 2027 का विधानसभा चुनाव 70 सीटों पर होना है. मौजूदा सर्वेक्षणों में अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं, इसलिए तस्वीर को समझने के लिए सर्वे का सैंपल, तारीख, पद्धति और सवालों को भी ध्यान में रखना जरूरी है. फिलहाल उपलब्ध सर्वे केवल उस समय मतदाताओं की राय का संकेत देते हैं, अंतिम चुनावी नतीजे नहीं.