menu-icon
India Daily

पहली बार चंपावत में होगी कैबिनेट बैठक, चार अक्टूबर को बनबसा पहुंचेगी धामी सरकार; इन अहम फैसलों पर फोकस

उत्तराखंड की धामी सरकार चार अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा में कैबिनेट बैठक करने जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र में होने वाली यह बैठक चंपावत में पहली मंत्रिमंडल बैठक होगी.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
पहली बार चंपावत में होगी कैबिनेट बैठक, चार अक्टूबर को बनबसा पहुंचेगी धामी सरकार; इन अहम फैसलों पर फोकस
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड सरकार अब राजधानी देहरादून से बाहर निकलकर चंपावत में कैबिनेट बैठक करने जा रही है. चार अक्टूबर को एनएचपीसी बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित की गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र में होने वाली यह बैठक कई मायनों में खास है, क्योंकि चंपावत जिले में पहली बार प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित होगी. इसमें राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए जाएंगे.

सरकार की यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. बैठक में लिए जाने वाले फैसलों और सरकार की ओर से दिए जाने वाले संदेश पर भी नजर रहेगी. हालांकि, देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक आयोजित करना उत्तराखंड में नई परंपरा नहीं है. इससे पहले अलग-अलग सरकारों के दौरान राज्य के कई जिलों में मंत्रिमंडल की बैठकें हो चुकी हैं.

पहली बार चंपावत पहुंचेगा पूरा मंत्रिमंडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मंत्रिमंडल पहली बार चंपावत जिले में बैठक करेगा. सरकार का प्रयास रहा है कि देहरादून से बाहर होने वाली बैठकों में संबंधित क्षेत्र से जुड़े विषयों को भी चर्चा में जगह मिले. ऐसे में चंपावत में प्रस्तावित बैठक में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी निर्णय होने की उम्मीद है. फिलहाल बैठक के एजेंडे से जुड़े सभी प्रस्तावों की जानकारी सामने नहीं आई है.

कई जिलों में हो चुकी हैं कैबिनेट बैठकें

उत्तराखंड में इससे पहले भी राजधानी से बाहर मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित होती रही हैं. गैरसैंण, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी और अल्मोड़ा जैसे स्थानों पर अलग-अलग समय में कैबिनेट बैठकें हुई हैं. पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल में हरिद्वार, विजय बहुगुणा के कार्यकाल में गैरसैंण और हरीश रावत सरकार के दौरान हरिद्वार, अल्मोड़ा तथा केदारनाथ में बैठकें आयोजित की गई थीं.

टिहरी झील से पौड़ी तक सरकार ने बदला स्थान

त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के दौरान टिहरी झील की कोटी कॉलोनी स्थित फ्लोटिंग मरीना में भी कैबिनेट बैठक हुई थी. इसके बाद पौड़ी में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई. इन बैठकों में संबंधित क्षेत्रों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आती रही है. अब चंपावत में होने वाली बैठक को लेकर भी यही सवाल महत्वपूर्ण है कि सरकार वहां किन प्रस्तावों पर चर्चा करती है और कौन से निर्णय लिए जाते हैं.