उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ने वाली है, क्योंकि बीजेपी के नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी पहली बार राज्य के दौरे पर आ रहे हैं. यह दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकात भर नहीं होगा, बल्कि आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति भी इसी बैठक में तय होने वाली है. 25 नवंबर को खाली होने जा रही राज्यसभा सीट को लेकर पहले ही चुनाव अधिसूचना जारी हो चुकी है, ऐसे में पार्टी अब उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी में जुट गई है.
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मुताबिक तीनों नेताओं को उनके देहरादून दौरे की सूचना पहले ही भेजी जा चुकी है. बैठक में पार्टी संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मंथन होगा, जिसमें सबसे अहम राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर होने वाली चर्चा रहेगी. तीन नामों का पैनल तैयार कर उसे राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजा जाएगा.
राम माधव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अनुभवी रणनीतिकार माने जाते हैं. वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक और प्रवक्ता रह चुके हैं. 2014 में भाजपा से जुड़कर वे राष्ट्रीय महासचिव बने और पूर्वोत्तर के राज्यों में पार्टी की मजबूती में अहम भूमिका निभाई. जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी गठबंधन की रूपरेखा तैयार करने का श्रेय भी उन्हें जाता है.
केरल मूल के अरविंद मेनन संघ के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन में आए थे. 2011 से 2016 तक वे मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री रहे और शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे. इसके बाद पश्चिम बंगाल में सह-प्रभारी के तौर पर उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने का काम किया.
बांसुरी स्वराज नई दिल्ली से बीजेपी सांसद और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं. वे पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज की बेटी हैं और ऑक्सफोर्ड से साहित्य तथा लंदन से कानून की पढ़ाई कर चुकी हैं. दो दशक वकालत करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2024 में भारी मतों से लोकसभा चुनाव जीता.
तीनों बड़े नेताओं के दौरे को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन में उत्साह देखा जा रहा है. स्थानीय नेताओं ने स्वागत की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि यह बैठक आने वाले महीनों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक बदलावों की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है.