UP News: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से जारी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, जबकि सच्चाई ये है कि बुलडोजर का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में किसी भी गरीब व्यक्ति के खिलाफ नहीं होता और अगर किसी गरीब के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाती है तो ऐसा करने वाले के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा. डीडीपी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को खाली कराने या उस जमीन पर हुए अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के लिए होता है.
पुलिस बुलडोजर नहीं चलाती, केवल रिपोर्ट देती है
उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई पुलिस के द्वारा नहीं की जाती. पुलिस केवल रिपोर्ट देती है. इसके बाद संबंधित विभाग उस पर कार्रवाई करता है. कार्रवाई के दौरान शांति बनी रहे इसलिए घटनास्थल पर बुलडोजर चलने के दौरान पुलिस मौजूद रहती है. प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रदेश में जो बुलडोजर कार्रवाई हो रही है वह पूरी तरह से वैध है, अगर यह अवैध होता तो कोई मानवाधिकार संस्था इसका विरोध करती लेकिन अभी तक किसी भी संवैधानिक संस्था ने इसका विरोध नहीं किया.
केवल माफियाओं के खिलाफ होता है बुलडोजर का इस्तेमाल
उन्होंने कहा कि बुलडोजर का प्रयोग ऐसे माफियाओं के खिलाफ करना है जिन्होंने अपनी माफियागर्दी के दम पर सरकारी या अन्य लोगों की भूमि को कब्जा रखा है और उसका इस्तेमाल अपने निजी हित के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस का बुलडोजर से कोई डायरेक्ट संबंध नहीं है. अतिक्रमण से संबंधित जो विभाग हैं उनके द्वारा जब इस तरह की चीजें संज्ञान में आती हैं तो वह बुलडोजर की कार्रवाई करते हैं. कुछ मामले जो उन विभागों के संज्ञान में नहीं आते तो पुलिस उन मामलों को चिन्हित करती है और विभागों के संज्ञान में लाती है. विभाग जब उन चीजों को सही पाता है तब जाकर बुलडोजर चलाया जाता है.