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India Daily

योगी कैबिनेट में आज खुल सकता है विकास का पिटारा, एक्सप्रेसवे से लेकर छात्रावास तक; करोड़ों की योजनाओं पर कैबिनेट की मुहर संभव

उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंगलवार को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है. सबसे ज्यादा नजर 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे पर रहेगी.

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Edited By: Reepu Kumari
योगी कैबिनेट में आज खुल सकता है विकास का पिटारा, एक्सप्रेसवे से लेकर छात्रावास तक; करोड़ों की योजनाओं पर कैबिनेट की मुहर संभव
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक में एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और स्वीकृति मिलने की संभावना है. सबसे अहम एजेंडा प्रदेश के दो नए एक्सप्रेसवे से जुड़ा है, जिनसे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. बैठक में विकास परियोजनाओं के अलावा परिवहन, शिक्षा, महिला कल्याण, गृह, सहकारिता और राज्य कर विभाग के कई प्रस्ताव भी पेश किए जा सकते हैं. इसके साथ ही विधानमंडल के मानसून सत्र को लेकर भी कैबिनेट में फैसला होने की संभावना जताई जा रही है.

दो नए एक्सप्रेसवे पर लग सकती है कैबिनेट की मुहर

कैबिनेट बैठक में करीब 26 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे और लगभग नौ हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है. विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज, रेणुकूट और बभनी होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक जाएगा. इसे छह लेन बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा.

अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाएं भी एजेंडे में

बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते जोड़ने की परियोजना से जुड़े आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) बिड दस्तावेजों को भी मंजूरी मिल सकती है. यूपीडा की अन्य प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए विकासकर्ता चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी फैसला संभव है.

महिला छात्रावास से लेकर आउटसोर्स सेवा निगम तक कई प्रस्ताव

महिला कल्याण विभाग वाराणसी में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत 500 क्षमता वाले छात्रावास के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव ला सकता है. विभागीय अलिपिकीय कर्मचारी सेवा नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकता है. वहीं उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये के ब्याज रहित ऋण को मंजूरी मिलने की भी संभावना है. गृह विभाग राज्यपाल सचिवालय एवं घरेलू सेवा नियमावली-2026 का प्रस्ताव भी पेश कर सकता है.

ई-बस खरीद और अन्य विभागों के प्रस्ताव भी अहम

परिवहन विभाग वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े को मजबूत करने के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद नीति को मंजूरी दिलाने का प्रस्ताव रख सकता है. उच्च शिक्षा विभाग वाराणसी स्थित वसंत महिला महाविद्यालय में नए छात्रावास भवन के निर्माण का प्रस्ताव ला सकता है. वहीं राज्य कर विभाग फिल्म 'कृष्णावतारम' को जीएसटी से मुक्त करने का प्रस्ताव पेश कर सकता है.

मानसून सत्र और वित्तीय प्रस्तावों पर भी रहेगा फोकस

कैबिनेट बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग कानपुर नगर के नरवल में उप निबंधक कार्यालय भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रख सकता है. सहकारिता विभाग उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक को नाबार्ड से 650 करोड़ रुपये तक ऋण लेने और 1500 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी देने का प्रस्ताव भी पेश कर सकता है. इसके अलावा तीन अगस्त से शुरू होने वाले संभावित पांच दिवसीय विधानमंडल मानसून सत्र और अनुपूरक बजट को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है.