उत्तर प्रदेश में लगातार बदलते मौसम के बीच भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में अलग अलग स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. भारी बारिश का कोई रंग आधारित अलर्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गरज चमक और तेज बौछारें देखने को मिल सकती हैं. ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. पिछले कुछ दिनों से इन क्षेत्रों में लगातार बादल छा रहे हैं और कई जगह अच्छी वर्षा भी दर्ज की गई है.
लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, रायबरेली, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोंडा, बहराइच और आसपास के जिलों में भी मौसम करवट ले सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि हर जगह पूरे दिन बारिश नहीं होगी, लेकिन कई स्थानों पर अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं.
मौसम विभाग ने 31 जुलाई के लिए किसी भी जिले में येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया है. इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर गरज चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है. बीते 24 घंटे में बिजनौर, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी सहित कई स्थानों पर अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जिससे मानसून की सक्रियता साफ दिखाई देती है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 28 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी 32 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 14 प्रतिशत रही. हाल की बारिश से राहत जरूर मिली है, लेकिन कुल मानसूनी आंकड़ा अभी भी सामान्य स्तर से नीचे है.
एक्सपर्ट ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलभराव रोकने और लगातार बारिश के दौरान उर्वरकों का प्रयोग टालने की सलाह दी है. आम लोगों से भी फिसलन वाली सड़कों पर सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और गरज चमक के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की गई है. 1 अगस्त को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.