श्रावण माह में होने वाली कांवड़ यात्रा, सावन मेले और अन्य धार्मिक आयोजनों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और नगरीय निकायों को आवश्यक इंतजाम समय पर पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
नगर विकास विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, कांवड़ मार्गों पर 24 घंटे शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. जनसहयोग से रात्रि विश्राम स्थलों का निर्माण कराया जाएगा, जबकि जरूरत के अनुसार मोबाइल शौचालय भी स्थापित किए जाएंगे. महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा मार्गों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होगी, जिससे रात के समय भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
सरकार ने कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिवालयों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. नगरीय निकाय प्रतिदिन सुबह पांच बजे से आठ बजे तक विशेष सफाई अभियान संचालित करेंगे. जलभराव वाले स्थानों से तुरंत पानी निकाला जाएगा और मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव व फॉगिंग कराई जाएगी. साथ ही, मार्गों, फुटपाथों और पार्किंग स्थलों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. मंदिरों के आसपास पर्याप्त संख्या में डस्टबिन भी लगाए जाएंगे, ताकि स्वच्छता बनी रहे.
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मार्गों की निगरानी की जाएगी. खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाएगी, जबकि खुले मेनहोल, चैंबर और अन्य जोखिम वाले स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा. यदि किसी स्थान की तुरंत मरम्मत संभव नहीं होगी, तो वहां बैरिकेडिंग कर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे का संचालन केवल निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा. अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रदेश सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सकें.