उत्तर प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था अब देश के दूसरे राज्यों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रही है. इसी क्रम में हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति लखनऊ पहुंचकर प्रदेश के शिक्षा मॉडल का अध्ययन करेगी. इस दौरान समिति उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेगी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी लेगी. यह दौरा शिक्षा के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच अनुभव साझा करने और बेहतर व्यवस्थाओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति में सभापति, समिति के सदस्य और विधानसभा सचिवालय के अधिकारी सहित कुल 30 सदस्य शामिल होंगे. समिति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली को करीब से समझना और उससे जुड़े सफल मॉडलों का अध्ययन करना है. इस बैठक में प्रदेश के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
समिति सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी. इसमें प्रमुख रूप से इन विषयों पर चर्चा होगी—
इसके अलावा सरकारी स्कूलों की संख्या, छात्र नामांकन, छात्र-शिक्षक अनुपात और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी साझा की जाएगी.
बैठक में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया, स्थानांतरण व्यवस्था, विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी. समिति यह भी समझेगी कि उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को किस तरह प्रशिक्षित और सशक्त बनाया जा रहा है.
हरियाणा की समिति उत्तर प्रदेश में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, आईसीटी (ICT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षा के उपयोग का भी अध्ययन करेगी. इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के क्रियान्वयन, व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा, उद्योगों से जुड़ाव और छात्रों के लिए करियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी.