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सिर्फ 25 हजार में इंटर के छात्र ने बनाई अनोखी रोबोट टीचर, वीडियो में देखें कैसे बच्चों को स्कूल में पढ़ा रही ‘सोफी’

बुलंदशहर के इंटर के छात्र आदित्य ने केवल 25 हजार रुपये में सोफी नाम की AI रोबोट टीचर बनाई है जो स्कूल में बच्चों को पढ़ाती है. पांच साल की मेहनत से बनी सोफी तुरंत सवालों के जवाब देती है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
सिर्फ 25 हजार में इंटर के छात्र ने बनाई अनोखी रोबोट टीचर, वीडियो में देखें कैसे बच्चों को स्कूल में पढ़ा रही ‘सोफी’
Courtesy: @ANI x account

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में इंटर क्लास के छात्र आदित्य कुमार ने ऐसा नवाचार कर दिखाया है जिसने सभी को चौंका दिया है. आदित्य ने केवल 25 हजार रुपये की लागत में एक AI रोबोट टीचर तैयार किया है जिसका नाम उसने सोफी रखा है. यह रोबोट स्कूल में बच्चों को पढ़ाता है और महिला टीचर की तरह दिखने के लिए इसे साड़ी पहनाई गई है. फिल्म रोबोट देखकर प्रेरित हुए आदित्य ने घर पर बैठकर पांच साल की मेहनत के बाद इस रोबोट को बनाया है.

सोफी टीचर अब शिव चरण इंटर कॉलेज में बच्चों का पसंदीदा टीचर बन चुकी है. रोजाना यह रोबोट क्लास में जाकर बच्चों के सवाल सुनता है और तुरंत जवाब देता है. बच्चे बताते हैं कि सोफी के साथ पढ़ना मजेदार अनुभव है क्योंकि यह तेज गति से जवाब देती है और किसी भी विषय में बच्चे की समझ बढ़ाने में मदद करती है. इस नए प्रयोग से बच्चे तकनीक के प्रति और ज्यादा उत्साहित हो रहे हैं.

आदित्य ने रोबोट के बारे में क्या बताया?

आदित्य का कहना है कि उसने सोफी को एक खास LLM चिपसेट की मदद से तैयार किया है जो इंसानी दिमाग की तरह तुरंत डेटा प्रोसेस कर सकता है. किसी भी सवाल का जवाब सोफी तुरंत और स्पष्ट रूप से दे देती है. यही वजह है कि स्कूल के शिक्षक भी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं और आदित्य की मेहनत की सराहना कर रहे हैं. स्कूल स्टाफ का कहना है कि इतने कम पैसे में इतना उन्नत रोबोट बनाना बड़ी उपलब्धि है और बड़े टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट भी अक्सर ऐसा नहीं कर पाते.

रोबोट बनाने का क्या था उद्देश्य?

आदित्य का उद्देश्य केवल रोबोट बनाना नहीं है बल्कि वह चाहता है कि ग्रामीण इलाकों में भी तकनीक की पहुंच बढ़े. उसका सपना है कि जहां शिक्षकों की कमी हो या वे छुट्टी पर हों, वहां ऐसे रोबोट टीचर बच्चों की पढ़ाई जारी रख सकें. आगे चलकर वह एक ऐसा 3D ह्यूमन रोबोट बनाना चाहता है जो बोले, सुने, लिखे, भावनाएं समझे और बच्चों की मनोदशा के अनुसार उन्हें गाइड कर सके. बुलंदशहर का यह होनहार छात्र अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.