लखीमपुर खीरी के शाहपुरा कोठी स्थित चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में शिक्षिका निशात फातिमा ने एक सहकर्मी शिक्षक के साथ मंच पर डांस प्रस्तुति दी थी.
इस कार्यक्रम का वीडियो बाद में कई लोगों तक पहुंचा. पुलिस जांच में अब इस वीडियो और 21 सितंबर को हुई वारदात के बीच किसी संभावित संबंध की पड़ताल की जा रही है. हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि कार्यक्रम में हुई घटना ही बाद की वारदात की वजह थी.
जांच से जुड़े सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, निशात फातिमा और सऊद अंसारी एक-दूसरे को बचपन से जानते थे. दोनों के परिवार सुल्तानपुर से लखीमपुर आने के बाद एक-दूसरे के संपर्क में आए थे. दोनों ने इसी स्कूल में साथ पढ़ाई भी की थी. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच संबंधों में तनाव था. निशात ने कथित तौर पर सऊद से बातचीत कम कर दी थी. पुलिस अब दोनों के बीच हुई बातचीत और संपर्क के रिकॉर्ड के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
21 सितंबर को सऊद अंसारी कथित तौर पर तमंचा लेकर स्कूल परिसर में पहुंचा. CCTV फुटेज के अनुसार, वह निशात को स्कूल भवन के अंदर ले जाता दिखाई दिया. इसके बाद गोली चलने की घटना हुई, जिसमें निशात की मौत हो गई. बाद में सऊद ने भी कथित तौर पर खुद को गोली मार ली. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने शादी के लिए दबाव बनाने, प्रताड़ित करने और हत्या के आरोपों में मामला दर्ज किया है.
पुलिस अब मामले की डिजिटल कड़ियां तलाश रही है. दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है. CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि 5 सितंबर के टीचर्स डे कार्यक्रम और 21 सितंबर की घटना के बीच वास्तव में कोई सीधा संबंध था या नहीं. पुलिस के मुताबिक, इस बारे में अंतिम निष्कर्ष डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा.