अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में जुट गया है. इसी क्रम में गणना कक्ष को मौजूदा स्थान से हटाकर परकोटे के बेसमेंट में स्थापित करने की योजना तैयार की गई है. नई व्यवस्था का उद्देश्य चढ़ावे की सुरक्षा बढ़ाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करना है. इसके साथ ही मंदिर प्रशासन ने कई स्तरों पर निगरानी की तैयारी भी शुरू कर दी है.
राम मंदिर ट्रस्ट अब गणना कक्ष को यात्री सुविधा केंद्र से परकोटे के बेसमेंट में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है. नए स्थान पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक कर्मचारी की कई स्तरों पर जांच होगी. इससे गणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना कम होगी.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को चढ़ावे की गणना सीधे देखने का अवसर मिलेगा. परकोटे में लगाई जाने वाली एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाएगा. ट्रस्ट का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का भरोसा पहले से अधिक मजबूत होगा.
गणना कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों और संबंधित लोगों के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे. बहुस्तरीय जांच और नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चढ़ावे की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो. ट्रस्ट नई व्यवस्था को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रहा है.
इस बीच निवर्तमान महासचिव चंपत राय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल और प्रांत विचारक कौशल किशोर ने मुलाकात की. बैठक में ट्रस्ट की नई व्यवस्थाओं, मंदिर के विकास कार्यों और 30 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित संतों की बैठक को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धनराशि का सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन उसकी प्राथमिकता है. नई व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. ट्रस्ट का लक्ष्य है कि श्रद्धालु न केवल सुरक्षित व्यवस्था महसूस करें, बल्कि पूरी प्रक्रिया पर उनका विश्वास भी लगातार मजबूत बना रहे.