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राम मंदिर चोरी कांड में सस्पेंस बरकरार! SIT अब 15 अगस्त को देगी अंतिम रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए सरकार ने 15 अगस्त तक का अतिरिक्त समय दिया है. जांच का दायरा बढ़ने के कारण टीम ने समय बढ़ाने का अनुरोध किया था.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
राम मंदिर चोरी कांड में सस्पेंस बरकरार! SIT अब 15 अगस्त को देगी अंतिम रिपोर्ट
Courtesy: AI

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी आखिरी स्टेज में नहीं पहुंच सकी है. इसी वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल को अंतिम रिपोर्ट जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है. लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित SIT ने जांच का दायरा बढ़ने का हवाला देते हुए और समय मांगा था. अब टीम को 15 अगस्त तक अपनी विस्तृत जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी.

सरकार ने बढ़ाई रिपोर्ट जमा करने की अवधि

राज्य सरकार ने एसआईटी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए अंतिम रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा 15 अगस्त तक बढ़ा दी है. जांच दल का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है. सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम रिपोर्ट सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर तैयार हो.

जून में हुआ था SIT का गठन

चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था. इसकी अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को सौंपी गई. जांच दल ने 15 जून से अपना काम शुरू किया. सरकार ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद 22 जून को रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई.

पहले भी बढ़ाया गया था समय

प्रारंभिक रिपोर्ट देने के बाद एसआईटी ने विस्तृत जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था. इस अनुरोध पर सरकार ने पहले 15 जुलाई तक की मोहलत दी थी. हालांकि जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और बढ़ते दायरे को देखते हुए टीम ने फिर एक माह का समय मांगा, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है.

15 अगस्त तक सौंपनी होगी अंतिम रिपोर्ट

नई समय सीमा के अनुसार एसआईटी को अब 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपनी होगी. जांच दल सभी दस्तावेजों, साक्ष्यों और संबंधित पक्षों से मिली जानकारी का परीक्षण कर रहा है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी. फिलहाल इस बहुचर्चित मामले की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी है.