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'PM बनना चाहते हैं अखिलेश', जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच सपा प्रमुख पर क्यों भड़कीं आजम खान की पत्नी

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच डॉ. तंजीन फातिमा ने अखिलेश यादव के रामपुर नहीं पहुंचने पर सवाल उठाए. उनके बयान से समाजवादी पार्टी और आजम खान परिवार के रिश्तों को लेकर नई राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'PM बनना चाहते हैं अखिलेश', जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच सपा प्रमुख पर क्यों भड़कीं आजम खान की पत्नी
Courtesy: social media

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के भीतर असहजता की चर्चा तेज हो गई है. आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने पार्टी नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई.

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर जताई नाराजगी

डॉ. तंजीन फातिमा ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को केवल उसके नाम या आजम खान से जुड़े होने के कारण निशाना बनाया जाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर देश के स्वतंत्रता सेनानी थे और उनके नाम पर स्थापित शिक्षण संस्थान को विवादों में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है. उनके मुताबिक, विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई केवल एक संस्थान का मामला नहीं बल्कि शिक्षा और उससे जुड़े हजारों छात्रों के भविष्य का भी प्रश्न है. उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायिक प्रक्रिया में विश्वविद्यालय को राहत मिलेगी और तथ्यों के आधार पर फैसला होगा.

अखिलेश यादव पर टिप्पणी से बढ़ीं सियासी चर्चाएं

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अब तक रामपुर नहीं पहुंचने के सवाल पर डॉ. तंजीन फातिमा ने कहा कि इसका जवाब पार्टी नेतृत्व और जनप्रतिनिधि ही दे सकते हैं. उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि संभव है अब उनका लक्ष्य मुख्यमंत्री बनने की बजाय प्रधानमंत्री बनना हो. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या आजम खान परिवार और समाजवादी पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ रही है. हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी व्यक्तिगत विवाद का सीधा उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनकी टिप्पणी ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए.

सपा लगातार कर रही है विरोध

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी लगातार जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के विरोध में सक्रिय दिखाई दी है. 23 जुलाई को अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 45 विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई रोकने की मांग की. इसके बाद 25 जुलाई को पार्टी के नौ सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी रामपुर गया और प्रशासन से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया रोकने की अपील की. पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे पर छात्रों और विश्वविद्यालय के साथ खड़ी है.

रामपुर दौरे को लेकर बढ़ीं उम्मीदें

सूत्रों के अनुसार, आजम खान का परिवार काफी समय से अखिलेश यादव से रामपुर आने का आग्रह कर रहा था. उनके अब तक नहीं पहुंचने के कारण डॉ. तंजीन फातिमा की नाराजगी सार्वजनिक रूप से सामने आई है. हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि पार्टी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और उचित समय पर आगे की रणनीति तय करेगी. फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है.