उत्तर प्रदेश के संभल जिले का एक सरकारी स्कूल विवादों में घिर चुका हैं. एक सरकारी स्कूल में बच्चे-बच्चियों को हिजाब और टोपी पहनाने का आरोप है. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. स्कूल में हिंदू बच्चों को इस्लामिक टोपी और बच्चियों को हिजाब पहनाकर प्रार्थना में शामिल किया गया.
इस मामले की भनक तक लगी, जब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. नखासा थाना क्षेत्र के जालब सराय स्कूल में तैनात शिक्षक कई समय से विद्यालय में मजहबी शिक्षा को बढ़ावा दे रहे थे. आरोप है कि इन्होंने हिंदू बच्चियों को हिजाब पहनने और सजदा करने के लिए मजबूर किया. साथ ही उनसे इस्लामिक प्रार्थना करवाई. इसके अलावा अन्य धर्मों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थी.
संभल में सरकारी स्कूल में हिंदू छात्रों को टोपी और छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूत किया जाता है।
BSA द्वारा हेडमास्टर मोहम्मद अंजार अहमद और टीचर मोहम्मद गुल एजाज को सस्पेंड कर दिया है।
दोनों पर FIR भी हुई है। ये हर जगह जिहाद में लिप्त हैं। pic.twitter.com/rIIe3Y4NEP— Prashant Umrao (@ippatel) May 11, 2026Also Read
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षक मोहम्मद गुल एजाज और अंजर अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. अधिकारियों के निर्देश पर दोनों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया है. जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आए कि छात्रों को टोपी और हिजाब पहनाने जैसी गतिविधियां कराई गईं. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
निलंबित प्रधानाध्यापक अंजर अहमद ने पूरे मामले को स्कूल को बदनाम करने की साजिश बताया है. उनका कहना है कि विद्यालय की छवि खराब करने के लिए जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया. उन्होंने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस दौरान वह छुट्टी पर थे. हिजाब और टोपी पहनाने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया।.अंजर अहमद ने कहा कि वह प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
संभल के सरकारी स्कूलों में मजहबी कट्टरता फैलाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 6 फरवरी को चंदौसी तहसील के नगला पूर्वा गांव के एक स्कूल में कुरान की आयतें लिखी हुई मिली थीं. उस समय भी विश्व हिंदू परिषद ने 'शिक्षा जेहाद' का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया था, जिसके बाद हेड मास्टर और शिक्षकों पर गाज गिरी थी.