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उत्तराखंड में उफान पर गंगा, 9 जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट; कई सड़कें बंद

उत्तराखंड में मानसून के तेवर लगातार तीखे बने हुए हैं. देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है. भूस्खलन और जलभराव के कारण कई मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि हरिद्वार में गंगा चेतावनी निशान के करीब पहुंच गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
उत्तराखंड में उफान पर गंगा, 9 जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट; कई सड़कें बंद
Courtesy: ANI

उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार बारिश हो रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 19 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है. 

मौसम विभाग के मुताबिक लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

देहरादून में उफनाई स्वारना नदी

देहरादून और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सेलाकुई क्षेत्र में भारी बारिश के बाद स्वारना नदी अचानक उफान पर आ गई. तेज बहाव की चपेट में आने से पुल के नीचे से गुजर रहा एक बाइक सवार बाइक समेत बहने लगा. स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया.

शहर और ग्रामीण इलाकों में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है. विकासनगर क्षेत्र में कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजमेंट प्वाइंट के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा. भारी मलबे और बोल्डर आने से मार्ग बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. लोक निर्माण विभाग की मशीनें मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों से काम प्रभावित हो रहा है.

नैनीताल और चमोली में कई गांवों का संपर्क कटा

नैनीताल के कोटाबाग क्षेत्र में पहाड़ी दरकने से देवीपुरा-सौड मोटर मार्ग बाधित हो गया. इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है. वहीं चमोली के नंदनगर क्षेत्र में तेफना के पास भारी भूस्खलन से मुख्य सड़क बंद हो गई. इसके कारण एक दर्जन से अधिक गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है.

हरिद्वार में लगातार बारिश और पहाड़ों से आ रहे अतिरिक्त पानी के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. भीमगोड़ा बैराज पर गंगा 293.10 मीटर के स्तर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है. जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.