श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया है. हरिद्वार और अन्य गंगा घाटों पर जल लेने के लिए शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इस वर्ष प्रशासन को करीब 5.5 करोड़ कांवड़ यात्रियों के आने की उम्मीद है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की गई है.
प्रशासन ने पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए 6000 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है. साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल सेवाएं और विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की गई हैं.
18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र
कांवड़ मेले को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है. प्रत्येक सेक्टर में पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की अलग-अलग टीमें तैनात रहेंगी. श्रद्धालुओं की मदद के लिए QR कोड आधारित सूचना व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे उन्हें मार्ग, पार्किंग, चिकित्सा सेवाओं और अन्य जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके.
कांवड़ और झांकी की ऊंचाई तय
यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कांवड़ और झांकियों की अधिकतम ऊंचाई भी निर्धारित की है.
- पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई – 6 फीट
- झांकी की अधिकतम ऊंचाई – 10 फीट
इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को पैदल कांवड़ यात्रियों और कांवड़ वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है, ताकि सामान्य यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो.
कांवड़ यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइन
प्रशासन ने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है—
- केवल निर्धारित कांवड़ पटरी (नहर पटरी) का ही उपयोग करें.
- आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य पहचान पत्र साथ रखें.
- वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें.
- केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें और वहीं से गंगाजल भरें.
- किसी भी अजनबी व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार न करें.
- कांवड़ को सड़क के बीच में न रखें, बल्कि निर्धारित स्थान पर ही रखें.
- रात में सड़क किनारे न रुकें, केवल शिविरों या रैन बसेरों में ही विश्राम करें.
- वाहन से यात्रा करने वाले श्रद्धालु अपने वाहन में यात्रियों की सूची और यात्रा विवरण अवश्य रखें.
यात्रा के दौरान इन बातों से करें परहेज
प्रशासन ने कुछ जरूरी प्रतिबंध भी लागू किए हैं—
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा.
- हॉकी, तलवार, भाला, लाठी, डंडा या अन्य नुकीले हथियार साथ न रखें.
- शराब, गांजा, चरस, स्मैक या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें.
- बिना पंजीकरण वाले वाहनों का उपयोग न करें.
- रेल की छत पर यात्रा न करें.
- पुलों से छलांग लगाकर स्नान करने से बचें.
- अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें फैलाएं.
- किसी भी संदिग्ध या लावारिस वस्तु को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें.
- हरिद्वार में प्लास्टिक या प्लास्टिक से बनी कांवड़ का उपयोग न करें.
- मोटरसाइकिल का साइलेंसर हटाकर वाहन न चलाएं.
- डीजे या म्यूजिक सिस्टम वाहन की बॉडी से बाहर न लगाएं और तेज आवाज में प्रतियोगिता न करें.