उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक किशोरी के अपहरण और मानव तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और बाद में बुलंदशहर के एक युवक से शादी कराने के लिए एक लाख रुपये में बेच दिया गया.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, वहीं पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर काउंसिलिंग के लिए भेज दिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में चौबेपुर क्षेत्र के राहुल भारद्वाज, उसके चाचा शिवधनी, चाची मैना देवी, बुलंदशहर निवासी युवक तथा मथुरा निवासी नेम सिंह शामिल हैं.
पीड़िता के परिजनों के अनुसार किशोरी 6 जून की सुबह घर से लापता हो गई थी. मां का पहले ही निधन हो चुका है और वह मानसिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है. परिवार ने उसी दिन चौबेपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
बाद में 22 जून को पुलिस आयुक्त कार्यालय में भी शिकायत दी गई, फिर भी किशोरी का पता नहीं चल सका. तीन जुलाई को पीड़िता ने अपने चचेरे भाई को फोन कर बताया कि उसे शादी के लिए एक लाख रुपये में बेच दिया गया है.किशोरी ने बताया कि उसे पहले जबरन उठाकर तीन दिन तक एक घर में बंधक बनाकर रखा गया और फिर दूसरे जिले में ले जाकर उसकी शादी करा दी गई.
मामले में शुरुआती स्तर पर पुलिस की सुस्ती भी सवालों के घेरे में रही. शिकायत मिलने के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में चिरईगांव चौकी प्रभारी महेश मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है. डीसीपी ने कहा कि शादी के नाम पर किसी भी महिला या किशोरी की खरीद-फरोख्त मानव तस्करी की श्रेणी में आती है और यह गंभीर अपराध है.पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.