menu-icon
India Daily

Pilibhit Passport Fraud: तीन अलग-अलग डेट ऑफ बर्थ पर बनवा लिए तीन पासपोर्ट, PCC जांच में खुला बड़ा राज

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पुलिस सत्यापन के दौरान एक व्यक्ति के नाम पर तीन अलग-अलग जन्मतिथि वाले पासपोर्ट मिलने से बड़ा मामला सामने आया है. शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
Pilibhit Passport Fraud: तीन अलग-अलग डेट ऑफ बर्थ पर बनवा लिए तीन पासपोर्ट, PCC जांच में खुला बड़ा राज
Courtesy: AI

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से पासपोर्ट से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट के लिए किए गए आवेदन की जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसा रिकॉर्ड मिला जिसने सभी को हैरान कर दिया.

जांच में पता चला कि एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग अलग जन्मतिथि के आधार पर तीन पासपोर्ट जारी किए गए थे. मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने पुलिस को सूचना दी और अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है.

पुलिस सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी

घुंघचाई थाना क्षेत्र के जमुनिया जगत गांव निवासी सिमर प्रीत ने हाल ही में पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था. सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बरेली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने रिकॉर्ड का मिलान किया. इसी दौरान अधिकारियों को दस्तावेजों में गंभीर विसंगति दिखाई दी, जिसके बाद मामले की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को भेजी गई.

तीन पासपोर्ट, तीन अलग जन्मतिथि

जांच में पता चला कि आवेदक के नाम पर पहले से दो और पासपोर्ट जारी हो चुके हैं. वर्ष 2016 में जारी पहले पासपोर्ट में जन्मतिथि 10 मार्च 1999 दर्ज थी. साल 2023 में बने दूसरे पासपोर्ट में 29 मई 2001 और उसी साल जारी तीसरे पासपोर्ट में 19 नवंबर 2002 डेट ऑफ बर्थ दर्ज मिली. एक ही व्यक्ति के लिए अलग अलग जन्मतिथि मिलने से संदेह और गहरा गया.

फर्जी दस्तावेजों की भी होगी जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद घुंघचाई थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलग अलग विवरणों के आधार पर पासपोर्ट कैसे जारी हुए. जांच इस पहलू पर भी केंद्रित है कि कहीं आवेदन के दौरान फर्जी दस्तावेजों या गलत जानकारी का इस्तेमाल तो नहीं किया गया.

सभी संबंधित लोगों की होगी पड़ताल

जांच एजेंसियां केवल आवेदक की भूमिका तक सीमित नहीं रहेंगी. पुलिस यह भी पता लगाएगी कि दस्तावेज तैयार कराने और सत्यापन की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं. रिकॉर्ड, आवेदन पत्र और अन्य दस्तावेजों का बारीकी से मिलान किया जा रहा है.

सबूतों के आधार पर होगी कार्यवाही

सर्किल ऑफिसर विधि भूषण मौर्य ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा.