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India Daily

गाजियाबाद से 6 जासूस गिरफ्तार! IP सोलर कैमरों से पाकिस्तान भेजते थे लाइव वीडियो, दिल्ली में था सेटअप

गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से छह संदिग्ध जासूसों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि ये दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजते थे और इसके बदले पैसे लेते थे.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
गाजियाबाद से 6 जासूस गिरफ्तार! IP सोलर कैमरों से पाकिस्तान भेजते थे लाइव वीडियो, दिल्ली में था सेटअप
Courtesy: grok

दिल्ली-एनसीआर की सुरक्षा से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. गाजियाबाद पुलिस ने कौशांबी इलाके से छह संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर दिल्ली और आसपास के संवेदनशील स्थानों के वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान भेजने का आरोप है. गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले लगभग एक साल से सक्रिय था और कई अहम स्थानों की जानकारी पाकिस्तान में बैठे अपने संपर्कों तक पहुंचा रहा था.

गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी

पुलिस को शनिवार सुबह एक गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर भोवापुर तिराहा के पास छापेमारी की गई. यहां से मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक सहित चार अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आनंद विहार बॉर्डर के पास से संभल निवासी साने इरम उर्फ महक को भी हिरासत में लिया. जांच में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्थानों के फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेज रहा था.

आईपी सोलर कैमरों से भेजते थे लाइव वीडियो

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन मिले हैं. इनमें कई संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो मौजूद हैं. पुलिस को यह जानकर भी हैरानी हुई कि आरोपियों ने दिल्ली के कुछ इलाकों में आईपी सोलर कैमरे लगा रखे थे. इन कैमरों के जरिए वहां की गतिविधियों की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग पाकिस्तान भेजी जाती थी. फिलहाल पुलिस को एक ऐसे कैमरे की जानकारी मिली है, जिसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी गई है.

पैसों के लालच में करते थे जासूसी

पुलिस जांच में पता चला कि पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड की मांग के अनुसार आरोपी अलग-अलग स्थानों पर जाकर वीडियो बनाते थे. हर लोकेशन के बदले उन्हें पांच से आठ हजार रुपये तक मिलते थे. मोबाइल फोन की जांच में एक पाकिस्तानी नंबर से लगातार संपर्क के प्रमाण मिले हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी करीब एक साल से उस नंबर के जरिए निर्देश लेते थे और वॉट्सऐप चैट के माध्यम से फोटो और वीडियो भेजते थे.

खुफिया एजेंसियों की जांच जारी

आरोपियों के मोबाइल फोन से आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट और सुरक्षा बलों के मुख्यालय जैसे कई संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो मिले हैं. मामले की जानकारी मिलते ही एटीएस, आईबी और स्थानीय खुफिया इकाई की टीम भी जांच में शामिल हो गई. सभी मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह किसी बड़ी साजिश की तैयारी में लगा था और इसके नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.