होली और रमजान जैसे बड़े त्योहारों से पहले खाद्य मिलावट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारकर करीब 10 हजार किलो सड़ा हुआ खजूर बरामद किया है. जब्त माल की कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह खजूर खाने लायक नहीं था और इसे त्योहारों में बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी.
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि नौबस्ता थाना क्षेत्र के मछरिया इलाके में एक गोदाम में खराब खजूर जमा किया गया है. इसी आधार पर टीम ने रजनीश ट्रेडर्स नाम के गोदाम पर छापा मारा. गोदाम का शटर खुलते ही अंदर खजूर के डिब्बों का बड़ा स्टॉक मिला. जांच करने पर पता चला कि ज्यादातर डिब्बों में रखा खजूर सड़ चुका था और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं था.
जांच में सामने आया कि जब्त खजूर वर्ष 2022–23 में ही एक्सपायर हो चुका था. यानी यह माल काफी समय पहले ही खराब हो चुका था. अधिकारियों के अनुसार व्यापारी इन डिब्बों पर लगी पुरानी तारीख हटाकर नई तारीख के स्टीकर चिपका रहे थे. योजना यह थी कि त्योहारों के समय जब खजूर की मांग बढ़ेगी, तब इसे ताजा बताकर बाजार में बेच दिया जाएगा. इससे उपभोक्ताओं की सेहत पर गंभीर खतरा हो सकता था.
खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से अलग-अलग ब्रांड और बैच के कुल 9 सैंपल लिए हैं. इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है. विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्राथमिक जांच में खजूर खराब और असुरक्षित पाया गया है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यापारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
In UP's Kanpur, food department seized 10k kilos of dates worth over ₹50 lakhs which had expired in 2022. New stickers showing expiry date in 2026 were being put on the packets containing expired dates to be sold in the market. pic.twitter.com/yPukZNndYs
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) February 22, 2026
अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने पर कुछ लोग मुनाफे के लिए मिलावट और एक्सपायरी माल बेचने की कोशिश करते हैं. यह सीधे-सीधे लोगों की सेहत से खिलवाड़ है. विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी एक्सपायरी तारीख और गुणवत्ता जरूर जांचें.
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है. मिलावट या खराब खाद्य सामग्री बेचने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.
यह कार्रवाई इस बात की चेतावनी है कि उपभोक्ता जागरूक रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि ऐसे खतरनाक खेल को समय रहते रोका जा सके.