नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली फिर से आतंकी हमले की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई. उत्तर प्रदेश एटीएस और आईबी की संयुक्त कार्रवाई ने हापुड़ के धौलाना निवासी अजीम राणा और मेरठ के जेई गांव निवासी उसके भांजे आजाद अली को दबोच लिया. ये दोनों पिछले छह महीनों से पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे, जो आईएसआई के लिए भी काम करता है. शहजाद ने सोशल मीडिया के जरिए इनसे जुड़कर दिल्ली के प्रमुख मंदिरों की रेकी करवाई और वीडियो मंगवाए. जांच में खुलासा हुआ कि यह साजिश दिल्ली को फिर दहलाने की थी, लेकिन समय रहते पकड़ लिया गया.
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक बड़ा गैंगस्टर है, जिसके आईएसआई से गहरे संबंध बताए जाते हैं. वह भारत में युवकों को लालच देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करवाता है. अजीम राणा से उसका संपर्क छह महीने पहले सोशल मीडिया पर हुआ. शहजाद ने अजीम को दिल्ली के सनातन धर्म मंदिरों की रेकी करने और वीडियो भेजने का काम सौंपा. नोएडा और दिल्ली की अन्य जगहों के वीडियो भी साझा किए गए. शहजाद ने पहले अंबाला में आरडीएक्स जुटाने की साजिश रची थी, जिससे जुड़े तार अब इन गिरफ्तारियों से मिले हैं.
शहजाद ने अजीम को पंजाब जाने और एक पार्सल उठाकर दूसरी जगह पहुंचाने का निर्देश दिया. इसके बदले मोटी रकम देने का वादा किया गया. पुलिस को शक है कि यह पार्सल आरडीएक्स या अन्य विस्फोटक सामग्री से जुड़ा था. 14 मार्च 2026 को अंबाला में दो किलो आरडीएक्स के साथ तीन लोग पकड़े गए थे, जो शहजाद से जुड़े थे. अजीम ने यह काम नहीं किया, लेकिन जांच में उसके मोबाइल से डिलीट डाटा रिकवर हो गया, जिसमें वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग शामिल है.
रिकवर डाटा में एक वीडियो कॉल मिली, जिसमें अजीम और आजाद शहजाद से बात कर रहे हैं. दोनों ने लॉरेंस बिश्नोई को लेकर कहा कि उसने आतंक मचा रखा है, बाबा सिद्दीकी की हत्या की और हर शहर में गैंग फैला दिया. वे शहजाद से कहते हैं कि लॉरेंस का कुछ करो. आजाद ने अजीम को व्हाट्सएप पर चेतावनी भी दी थी कि ऐसे लोगों से दूर रहो, वे सिर्फ इस्तेमाल करते हैं. यह बातचीत जांच में शामिल की गई है.
आरोपियों ने गिरफ्तारी से पहले मोबाइल से कुछ डाटा डिलीट करने की कोशिश की, लेकिन एटीएस-आईबी ने फॉरेंसिक मदद से सब रिकवर कर लिया. हापुड़ एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मोबाइल में पाकिस्तान को भेजी संदिग्ध सूचनाओं की पुष्टि हुई. दोनों पर देश विरोधी गतिविधियों का मुकदमा दर्ज है. जांच जारी है, जिसमें दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां भी जुड़ी हैं. यह गिरफ्तारी आतंकी नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मानी जा रही है.
यह मामला दिखाता है कि पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क कितने गहरे हैं. सोशल मीडिया के जरिए युवकों को बरगलाना, रेकी करवाना और फिर विस्फोट की तैयारी-यह सब एक सुनियोजित तरीके से चल रहा था. समय पर कार्रवाई से दिल्ली में बड़ा हादसा टल गया. एजेंसियां अब शहजाद भट्टी के अन्य संपर्कों की तलाश में जुटी हैं. आम लोगों से अपील है कि संदिग्ध गतिविधियां देखें तो तुरंत सूचित करें. देश की सुरक्षा सर्वोपरि है.