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लखनऊ: स्कूल में बच्चों ने किया कक्षा 5 के छात्र पर हमला, चली गई मासूम के आंख की रोशनी; दो नाबालिगों पर केस दर्ज

लखनऊ के आर्मी पब्लिक स्कूल में क्लास 5 के एक स्टूडेंट पर उसके क्लासमेट्स ने हमला किया, जिससे उसकी आंखों की रोशनी चली गई. उसकी मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
लखनऊ: स्कूल में बच्चों ने किया कक्षा 5 के छात्र पर हमला, चली गई मासूम के आंख की रोशनी; दो नाबालिगों पर केस दर्ज
Courtesy: Grok AI

लखनऊ: पुलिस ने रविवार को बताया कि लखनऊ के एक आर्मी पब्लिक स्कूल में क्लास 5 के एक छात्र पर कथित तौर पर स्कूल परिसर में दो साथी छात्रों ने हमला किया, जिससे उसकी आंखों में गंभीर चोटें आईं और आंखों की रोशनी चली गई. घायल बच्चे का फिलहाल एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.

पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ ने समय पर कार्रवाई नहीं की. यह हमला 21 जनवरी को हुआ था, लेकिन परिवार ने शनिवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित की मां की शिकायत के आधार पर लखनऊ पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों और स्कूल स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की.

अधिकारी ने क्या बताया?

इस घटना के संबंध में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. संबंधित पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर ने कहा कि यह घटना स्कूल में दो नाबालिग छात्रों के बीच झगड़े के बाद हुई. उन्होंने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारी ने बताया कि पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया है कि हमले के कारण बच्चे की दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और पुलिस ने डॉक्टर से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है. SHO ने कहा कि जांच के दौरान मामले के सभी पहलुओं और कोणों की अच्छी तरह से जांच की जाएगी.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 21 जनवरी को कक्षा 5 और 3 के दो छात्रों ने उसके बेटे को पकड़ लिया, जो खुद भी कक्षा 5 का छात्र है और स्कूल के खेल के मैदान में बेरहमी से उस पर हमला किया. अपनी शिकायत में लड़के की मां ने दावा किया कि आरोपियों ने उसके बेटे को जमीन पर गिरा दिया और उसके चेहरे और आंखों पर जूते की एड़ी रगड़ी, जिससे उसे गंभीर चोट लगी और उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई. 

शिकायतकर्ता ने और क्या लगाया आरोप?

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. शिकायत दर्ज करने में देरी पर, पुलिस ने कहा कि पीड़ित के परिवार ने दावा किया कि वे घायल बच्चे के इलाज की व्यवस्था करने में व्यस्त थे.