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9 साल के रिश्ते का दर्दनाक अंत, पत्नी ने ही ले ली पति की जान; माता-पिता और भाई ने दिया साथ

बरेली में एक महिला ने अपने माता-पिता और भाई की मदद से पति की गला घोंटकर हत्या कर दी. आरोपियों ने अपराध छिपाने के लिए शव को खिड़की से लटकाकर उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया.

Kanhaiya Kumar Jha
9 साल के रिश्ते का दर्दनाक अंत, पत्नी ने ही ले ली पति की जान; माता-पिता और भाई ने दिया साथ
Courtesy: Social Media

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक खौफनाक वारदात ने मानवता को शर्मसार कर दिया है, जहाँ नौ साल के प्यार के बाद हुए विवाह का अंत बेहद दुखद रहा. इज्जत नगर थाना क्षेत्र में जितेंद्र कुमार यादव नामक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. पुलिस की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसे आत्महत्या का रंग देने की पूरी कोशिश की गई थी. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है.

सर्कल ऑफिसर पंकज श्रीवास्तव के अनुसार, जितेंद्र का शव 26 जनवरी को उनके किराए के घर में लटका पाया गया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी ज्योति और उसके परिवार ने जितेंद्र की हत्या के बाद उसके शव को मफलर से खिड़की की ग्रिल पर लटका दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना पाए जाने के बाद पुलिस ने ज्योति, उसके पिता कालीचरण और माँ चमेली को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि वे सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहे थे.

नौ साल के रिश्ते का दर्दनाक अंत 

पुलिस पूछताछ में ज्योति ने बताया कि वह और जितेंद्र कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे. लंबे समय तक डेटिंग करने के बाद पिछले साल ही दोनों ने शादी की थी. जितेंद्र आईवीआरआई में संविदा कर्मचारी था और ज्योति परिवहन निगम में बस कंडक्टर के रूप में काम करती थी. लेकिन शादी के महज कुछ महीनों के भीतर ही उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन में कड़वाहट आ गई और पैसों को लेकर विवाद बढ़ने लगा जो अंततः घातक साबित हुआ.

पैसों के विवाद ने ली जान

ज्योति ने पुलिस को दिए बयान में स्वीकार किया कि उनके बीच अक्सर वित्तीय मामलों को लेकर तीखी बहस होती थी. घटना के दिन भी पैसों को लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि ज्योति ने अपने मायके वालों को बुला लिया. उसके माता-पिता और भाई के घर पहुंचने पर विवाद हिंसक हो गया. आवेश में आकर ज्योति ने जितेंद्र का गला घोंट दिया, जबकि उसके माता-पिता और भाई ने जितेंद्र के हाथ और पैर कसकर पकड़ रखे थे.

गुमराह करने की नाकाम कोशिश 

जितेंद्र की जान लेने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसे आत्महत्या दिखाने का नाटक रचा. उन्होंने शव को लटकाने के बाद शोर मचाया ताकि पड़ोसियों को लगे कि उसने खुदकुशी की है. पुलिस ने बताया कि मृतक के भाई अजय कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया. स्रोतों के अनुसार पुलिस अब इस मामले की और भी वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ विस्तृत जांच कर रही है.

फरार आरोपी की तलाश जारी 

इस जघन्य अपराध में शामिल ज्योति का भाई दीपक अभी भी फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस मामले में और भी तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप मजबूती से पेश किए जा सकें. यह मामला हमें यह समझने में मदद करता है कि घरेलू विवादों को समय पर हल न करना कितना खतरनाक हो सकता है. पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.