मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि 65वीं राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रदेश की पुरुष टीम ने पहली बार 20 पदक जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है. यह उपलब्धि राज्य में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता और खिलाड़ियों को मिल रही बेहतर सुविधाओं का परिणाम है.
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के पांच खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों की यह सफलता पूरे राज्य के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब केवल ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल जगत में भी राज्य के खिलाड़ी देश और दुनिया में अपना परचम लहरा रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें सही प्रशिक्षण देने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है. इसी का परिणाम है कि लखनऊ में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली दृष्टिबाधित धाविका सिमरन शर्मा आज देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैंपियन एक दिन में तैयार नहीं होते और मजबूत खेल संस्कृति भी रातोंरात विकसित नहीं होती. इसके लिए योजनाबद्ध प्रयास, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रभावी खेल नीतियां आवश्यक होती हैं. प्रदेश सरकार ने इसी सोच के साथ खिलाड़ियों के कौशल विकास, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जबकि ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जनपद में आधुनिक स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 6, 2026
खेल का मैदान गौरवान्वित कर रहा है। सरकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान एवं सुरक्षित भविष्य के लिए सरकारी नौकरी प्रदान कर रही है।
आज प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक में मिनी स्टेडियम तथा प्रत्येक जनपद में आधुनिक स्टेडियम… pic.twitter.com/NPYxt42vYf
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी दबाएं नहीं. उनके अनुसार खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी साधन भी है. मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया.