भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान भेजने की घटनाएं लगातार सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं. तरनतारन जिले में एक बार फिर ऐसी ही कोशिश को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया. BSF ने सतर्कता दिखाते हुए संदिग्ध ड्रोन गतिविधि पर कार्यवाही की और अगले दिन चलाए गए तलाशी अभियान में खेत से हथियारों का पैकेट बरामद किया. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
BSF के अनुसार बीओपी पीर बाबा क्षेत्र में तैनात जवानों ने रात के समय ड्रोन की आवाज सुनी. नाइट विजन कैमरे से निगरानी के दौरान भारतीय सीमा की ओर बढ़ता ड्रोन दिखाई दिया. इसके बाद जवानों ने तत्काल कार्यवाही करते हुए ड्रोन की दिशा में फायरिंग की. कुछ देर बाद ड्रोन नजर आना बंद हो गया.
अगली सुबह करीब साढ़े पांच बजे सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान किसान सुखदेव राज के खेत में एक संदिग्ध पैकेट मिला. जांच के लिए पैकेट खोला गया तो उसमें एक पिस्टल, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए. बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई.
एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि बरामदगी के संबंध में थाना खालड़ा में अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार किसके लिए भेजे गए थे और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. आधुनिक तकनीक और संयुक्त अभियान के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से होने वाली तस्करी और हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा.
बरामद हथियारों के स्रोत और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.