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India Daily

80 गोल, अनगिनत यादें और आंसुओं का सैलाब... नॉर्वे से हार के बाद नेमार ने फुलबॉल को कहा अलविदा, मैदान पर फूट-फूटकर रोए

ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने फीफा विश्व कप 2026 से टीम के बाहर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी. नॉर्वे से मिली हार के बाद भावुक नेमार मैदान पर फूट-फूटकर रोते दिखे.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
80 गोल, अनगिनत यादें और आंसुओं का सैलाब... नॉर्वे से हार के बाद नेमार ने फुलबॉल को कहा अलविदा, मैदान पर फूट-फूटकर रोए
Courtesy: X (@pubity)

फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील का सफर राउंड ऑफ 16 में समाप्त हो गया. नॉर्वे के खिलाफ 2-1 की हार से टीम काफी निराश होगी. इसी हताशा और निराशा में टीम के अनुभवी स्टार खिलाड़ी नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला किया. 

34 वर्षीय खिलाड़ी ने मुकाबले में ब्राजील के लिए एकमात्र गोल किया, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके. मैच खत्म होने की सीटी बजते ही नेमार हताशा में जमीन पर बैठ गए और फूट-फूटकर रोने लगे, क्योंकि ब्राजील को 1990 के बाद से सबसे खराब प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था.  अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जोकि फैंस को बेहद प्रभावित कर रहा है. 

हार के बाद किया संन्यास का ऐलान

मैच के खत्म होते ही नेमार ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी. मैच के बाद नेमार मैदान पर बैठ गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. साथी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने उन्हें संभालने की कोशिश की. इसके बाद उन्होंने स्टेडियम में मौजूद फैंस का धन्यवाद किया और भावुक माहौल के बीच ड्रेसिंग रूम की ओर लौट गए. 

नॉर्वे ने पलटा मुकाबला

ब्राजील को इस मुकाबले का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. टीम एक पेनल्टी का फायदा नहीं उठा सकी, जबकि एर्लिंग हालैंड ने अंतिम क्षणों में दो गोल कर नॉर्वे को यादगार जीत दिलाई. नेमार ने स्टॉपेज टाइम में पेनल्टी पर गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मैच ब्राजील की पकड़ से बाहर हो चुका था. हार के साथ ही टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया.

यादगार करियर का हुआ अंत

नेमार ने 2010 में ब्राजील की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 80 गोल दागकर देश के सर्वकालिक सबसे सफल पुरुष गोल स्कोरर बने. उन्होंने इस उपलब्धि के साथ पेले का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा. कई विश्व कप और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के बावजूद वह ब्राजील को विश्व कप ट्रॉफी नहीं दिला सके, लेकिन अपने शानदार योगदान के कारण हमेशा महान खिलाड़ियों में गिने जाएंगे.