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अटल आवासीय विद्यालयों में बड़ा बदलाव, अब CBSE कराएगा एंट्रेंस; पढ़ाई में जुड़ेंगे रोबोटिक्स-ड्रोन

उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों में 2027-28 से प्रवेश परीक्षा अब CBSE कराएगा. सभी 18 विद्यालयों में रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन की इनोवेशन लैब भी स्थापित की जाएंगी.

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Edited By: Reepu Kumari
अटल आवासीय विद्यालयों में बड़ा बदलाव, अब CBSE कराएगा एंट्रेंस; पढ़ाई में जुड़ेंगे रोबोटिक्स-ड्रोन
Courtesy: Pinterest

उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम खबर है. राज्य सरकार ने इन विद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है. अब प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को सौंपी जाएगी. यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू होगी. इसके साथ ही विद्यालयों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल भी शुरू की जाएगी. छात्रों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

CBSE कराएगा प्रवेश परीक्षा

राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति ने तय किया है कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से अटल आवासीय विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा सीबीएसई आयोजित करेगा. इससे पूरे प्रदेश में एक समान प्रश्नपत्र, समान परीक्षा स्तर और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी. यह फैसला सभी छात्रों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

हर विद्यालय में बनेगी इनोवेशन लैब

समिति ने प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों में कंपोजिट स्किल एवं इनोवेशन लैब स्थापित करने की मंजूरी भी दी है. इन लैबों में आधुनिक उपकरणों की मदद से छात्रों को नई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा. इससे उनकी तकनीकी समझ और कौशल दोनों विकसित होंगे.

ड्रोन और रोबोटिक्स का मिलेगा प्रशिक्षण

नई लैबों में छात्र-छात्राओं को ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन सहित कई उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे तकनीकी क्षेत्र में बेहतर अवसर हासिल कर सकें.

पहले भी किए गए थे अहम बदलाव

इससे पहले शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश परीक्षा को पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित करने, समान प्रश्नपत्र लागू करने और सभी विद्यालयों में एक जैसा शैक्षणिक स्तर बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे. अब सीबीएसई को परीक्षा की जिम्मेदारी देकर इस प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है.

इन बच्चों को मिलता है निशुल्क शिक्षा का लाभ

अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना निर्माण श्रमिकों के पंजीकृत बच्चों और कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी. नई व्यवस्था लागू होने से इन विद्यार्थियों को पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया के साथ आधुनिक तकनीकी शिक्षा का भी लाभ मिलेगा.