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कार्तिक पूर्णिमा के मेले में खौफनाक हादसा, अचानक टूटकर गिरा झूला; छोटी बच्ची की मौत

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बुधवार शाम रामघाट मेले में बड़ा हादसा हुआ, जब कार्तिक पूर्णिमा के दौरान एक झूले का एक्सल टूट गया और झूला नीचे गिर पड़ा.

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Edited By: Princy Sharma
Bulandshahr Kartik Purnima
Courtesy: Pinterest

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक मजेदार शाम उस समय बुरे सपने में बदल गई जब एक स्थानीय मेले में लगा एक विशाल झूला अचानक गिर गया, जिससे 6 साल की बच्ची हिमांशी की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए. यह भयावह हादसा बुधवार शाम कार्तिक पूर्णिमा समारोह के दौरान रामघाट मेले में हुआ, जिससे स्थानीय लोग सदमे और दहशत में हैं. पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, शाम 6 बजे के आसपास झूले का एक्सल अचानक टूट गया, जिससे पूरा झूला असंतुलित होकर नीचे गिर गया. 

पास में खड़ी हिमांशी गिरते हुए झूले के नीचे दब गई और उसे गंभीर चोटें आईं. झूले पर सवार पांच अन्य लोग भी इस घटना में घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का भी समय नहीं मिला और कुछ ही सेकंड में मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय पुलिस और आसपास के लोग घायलों की मदद के लिए तुरंत दौड़े और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. 

चार लोगों की किया अरेस्ट

डॉक्टरों ने हिमांशी को बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया. पांच घायलों का इलाज किया गया और बाद में उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई. घटना के बाद, पुलिस ने झूला चलाने के लिए जिम्मेदार चार लोगों को लापरवाही के आरोप में हिरासत में लिया. 

संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज 

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) तेजवीर सिंह ने पुष्टि की कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि झूले का रखरखाव ठीक से किया गया था या नहीं और उसे जनता के लिए खोलने से पहले उसका निरीक्षण किया गया था या नहीं.

मेले में सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

इस त्रासदी से स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया है और उन्होंने मेले में सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं. कई लोगों ने दावा किया कि झूलों की नियमित जांच नहीं की जाती थी और उनकी उचित निगरानी नहीं की जाती थी. स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मनोरंजन झूलों की कड़ी निगरानी और मेला आयोजकों से जवाबदेही की मांग की है.

सदमे में परिवार

नन्ही हिमांशी की मौत से उसका परिवार सदमे में है. शोकाकुल ग्रामीण उसके घर संवेदना और समर्थन व्यक्त करने के लिए इकट्ठा हुए. जो रात खुशी और उत्सव की होनी थी, वह शोक और दुख के दृश्य में बदल गई, जिससे एक बार फिर राज्य भर में सार्वजनिक मेलों और मनोरंजन कार्यक्रमों में कड़े सुरक्षा मानकों की तत्काल आवश्यकता उजागर हुई.